दिल्ली में महंगाई देश के 15 बड़े शहरों में सबसे कम, सरकारी रिपोर्ट में खुलासा
दिल्ली में रहना, खाना, पीना और रोजमर्रा की ज़रूरतें भले ही महंगी हों, लेकिन देश के अन्य बड़े मेट्रो शहरों की तुलना में राजधानी में महंगाई का स्तर काफी कम है। दिल्ली सरकार के अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय की एक ताज़ा रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। यह रिपोर्ट किसी निजी संस्थान की नहीं बल्कि आधिकारिक सरकारी आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है।
15 शहरों की तुलना में दिल्ली की महंगाई सबसे कम
रिपोर्ट में औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर दिल्ली की तुलना देश के 15 प्रमुख शहरों से की गई। इनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, इंदौर, फरीदाबाद, गाजियाबाद, भोपाल, चंडीगढ़, वाराणसी, अमृतसर और लखनऊ शामिल हैं।
कैलेंडर वर्ष 2024 के लिए दिल्ली का CPI-IW इन शहरों में तीसरा सबसे कम और वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पांचवां सबसे कम दर्ज किया गया।
कौन से शहर रहे सबसे महंगे?
रिपोर्ट में बताया गया है कि चयनित शहरों में सबसे अधिक CPI-IW लखनऊ और चंडीगढ़ में दर्ज किया गया, जहां महंगाई का स्तर सबसे तेज रहा।
कहां सबसे ज्यादा बढ़ी महंगाई?
वित्त वर्ष 2024-25 में:
- कोलकाता में महंगाई सबसे अधिक रही, CPI-IW में 3.6% वृद्धि के साथ।
- राष्ट्रीय औसत 3.4% रहा।
- इसके बाद मुंबई (3.0%) और दिल्ली (1.8%) का स्थान रहा।
- चेन्नई में इस अवधि में कोई बदलाव दर्ज नहीं हुआ।
दिल्ली में कौन से सेक्टर महंगे हुए?
रिपोर्ट के अनुसार:
- खाद्य एवं पेय पदार्थ,
- आवास,
इन दोनों श्रेणियों में महंगाई बढ़ी है।
वहीं,
- फ्यूल और पावर सेक्टर में महंगाई दर कम रही, जिसका बड़ा प्रभाव समग्र CPI पर पड़ा और दिल्ली की कुल महंगाई अन्य मेट्रो शहरों से कम रही।
CPI क्या होता है?
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) यह दिखाता है कि आम घरों के लिए रोजमर्रा की चीज़ें—खाना, कपड़े, किराया, दवा, बिजली, ईंधन आदि—समय के साथ कितनी महंगी या सस्ती हुई हैं। CPI बढ़ने का मतलब है कि महंगाई बढ़ रही है।










