ताजा ख़बरेंदेशधर्मब्रेकिंग न्यूज़
Trending

Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 05 December: रामलला का अलौकिक श्रृंगार और चार समय के भोग की विशेष झांकी

05 दिसंबर को अयोध्या धाम में रामलला का दिव्य श्रृंगार हुआ। चार समय के भोग, मौसम के अनुसार वस्त्र, सुबह 6:30 की आरती से लेकर रात 8:30 के शयन तक की सभी जानकारी पढ़ें।

Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 05 December: अलौकिक श्रृंगार और चार समय के भोग के साथ रामलला के दिव्य दर्शन

अयोध्या धाम, 05 दिसंबर 2025। पौष माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा, विक्रम संवत 2082 के पावन अवसर पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम में ब्रह्मांड नायक प्रभु श्री रामलला सरकार का दिव्य एवं अलौकिक श्रृंगार हुआ। चारों समय होने वाले भोग, मौसम के अनुसार बदलने वाले वस्त्र और भव्य आरती कार्यक्रमों के साथ शुक्रवार का दिन श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत मंगलमय रहा।

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86

चार समय भोग: हर समय अलग व्यंजन

रामलला को प्रतिदिन चार बार भोग लगाया जाता है।
सुबह बाल भोग से दिन की शुरुआत होती है।
सभी व्यंजन राम मंदिर की रसोई में पारंपरिक विधि से तैयार किए जाते हैं।
हर भोग में मौसम और समय के अनुसार व्यंजन अलग होते हैं, जिनमें ताजगी और शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है।


मौसम के अनुसार वस्त्र—जाड़े में ऊनी पहनावा

श्री रामलला का श्रृंगार प्रतिदिन बदलता है।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
  • गर्मियों में: सूती, हल्के और सफ़ेद-पीले रंगों के वस्त्र
  • सर्दियों में: ऊनी पोशाकें, स्वेटर, शॉल और मखमली वस्त्र
  • प्रतिदिन अलग-अलग आभूषण और मुकुट
  • दिल्ली से मंगाई गई विशेष पुष्पमाला भी प्रतिदिन पहनाई जाती है।

दैनिक आरती और दर्शन का समय

रामलला की आरती और दर्शन के समय इस प्रकार हैं—

  • सुबह की पहली आरती: 6:30 बजे
  • दोपहर भोग आरती: 12:00 बजे
  • संध्या आरती: 7:30 बजे
  • शयन (रात्रि विश्राम): 8:30 बजे
  • दर्शन का अंतिम समय: 7:30 बजे

रामलला को प्रतिदिन जगाने के बाद लेप, स्नान, वस्त्र-आभूषण और श्रृंगार की प्रक्रिया संपन्न होती है।


श्रृंगार के भव्य दर्शन बनते हैं आकर्षण का केंद्र

हर दिन श्रद्धालु प्रभु के नए स्वरूप, नए श्रृंगार और नई झांकी का दर्शन करते हैं।
विशेष दिनों पर रामलला का श्रृंगार और भी अलौकिक व भव्य होता है, जो भक्तों के हृदय में श्रद्धा और भक्ति की नई ऊर्जा जगाता है।


Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!