
Jangalbeda Solar Plant: बिना ग्राम सभा NOC निर्माण, सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइंस उल्लंघन का आरोप
सरायपाली विधायक चातुरी नंद ने जंगलबेड़ा सोलर प्लांट पर अवैध कब्जा, बिना अनुमति पेड़ कटाई और ग्राम सभा NOC के बिना निर्माण का आरोप लगाया।
जंगलबेड़ा सोलर प्लांट पर गंभीर आरोप: सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइंस उल्लंघन, बिना ग्राम सभा NOC निर्माण शुरू
सरायपाली।विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरायपाली विधायक चातुरी नंद ने ग्राम जंगलबेड़ा में स्थापित किए जा रहे सोलर संयंत्र को लेकर गंभीर आरोप लगाए। विधायक ने कहा कि प्लांट प्रबंधन द्वारा सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और लीज शर्तों का खुला उल्लंघन करते हुए निस्तार मार्ग पर अवैध कब्जा कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया है।
विधायक चातुरी नंद ने शासन-प्रशासन से मांग की कि लीज डीड, कलेक्टर महासमुंद के आदेश और सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइंस का उल्लंघन करने वाले इस सोलर संयंत्र की लीज तत्काल निरस्त की जाए।
ग्रामीणों के विरोध के बाद विधानसभा तक पहुंचा मामला
ग्राम जंगलबेड़ा में सोलर संयंत्र की स्थापना का ग्रामीण शुरू से विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अपनी आपत्ति विधायक चातुरी नंद के समक्ष रखी थी, जिसके बाद यह मामला विधानसभा में तारांकित प्रश्न के रूप में उठाया गया।
बिना ग्राम सभा NOC के निर्माण शुरू करने का आरोप
विधायक ने आरोप लगाया कि—
- ग्राम जंगलबेड़ा में ग्राम सभा की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के बिना ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया
- अन्य स्थानों पर फर्जी ग्राम सभाओं के माध्यम से उद्योगपतियों को जमीन दी जा रही है
- जबकि यहां तो ग्राम सभा ही आयोजित नहीं की गई
पेड़ कटाई पर भी नियमों की अनदेखी
विधायक चातुरी नंद ने कहा कि शासन के लीज डीड की कंडिका 9 एवं
कलेक्टर महासमुंद के राजस्व आदेश (ई-कोर्ट क्रमांक 202410120100006/05 अ 59 वर्ष 2024-25) की कंडिका 4 के अनुसार—
आवंटित भूमि पर स्थित वृक्षों की कटाई बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के नहीं की जा सकती।
इसके बावजूद—
- प्लांट प्रबंधन द्वारा बिना अनुमति के अवैध वृक्ष कटाई की गई
- तहसीलदार की जांच में यह तथ्य सही पाया गया
उद्योग मंत्री का जवाब: ग्राम सभा NOC नहीं मिली
विधायक के सवाल के जवाब में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने विधानसभा में बताया कि—
- संबंधित सोलर संयंत्र को ग्राम सभा का अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हुआ है
- छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा इकाई के पक्ष में
4 दिसंबर 2024 को ‘Invitation to Invest’ जारी किया गया है - संयंत्र को वन भूमि आवंटित नहीं की गई है
- ग्राम जंगलबेड़ा में संयंत्र स्थापना को लेकर कलेक्टर महासमुंद को दो शिकायतें प्राप्त हुई हैं
102.930 हेक्टेयर भूमि लीज पर दी गई
मंत्री ने यह भी बताया कि—
महासमुंद जिले के सरायपाली तहसील अंतर्गत ग्राम जंगलबेड़ा में
मेसर्स गोदावरी पॉवर एंड इस्पात लिमिटेड को
छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSIDC) द्वारा
102.930 हेक्टेयर भूमि सोलर एनर्जी आधारित विद्युत उत्पादन के लिए
निहित शर्तों के अधीन लीज पर दी गई है।
प्रदेशभर में बढ़ता असंतोष: विधायक का बड़ा बयान
प्रेस को जारी बयान में विधायक चातुरी नंद ने कहा—
“पूरे प्रदेश में फर्जी ग्राम सभाओं के माध्यम से जल, जंगल और जमीन उद्योगपतियों को सौंपी जा रही है। रायगढ़ के धौराभाठा, सरगुजा और राजनांदगांव में ग्रामीण सड़कों पर उतर चुके हैं। शासन की उद्योगपरस्त नीतियों के कारण कई जगह पुलिस और जनता के बीच हिंसक झड़पें हो रही हैं।”









