Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 19 December 2025: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या में रामलला का भव्य श्रृंगार, चार समय का भोग, आरती और शयन दर्शन का पूरा विवरण पढ़ें।

Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 19 December: चार समय का भोग, अलौकिक श्रृंगार और शयन आरती का दिव्य क्रम


अयोध्या।श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या धाम में विराजमान संपूर्ण ब्रह्मांड के नायक प्रभु श्री रामलला सरकार का प्रतिदिन अत्यंत भव्य एवं दिव्य श्रृंगार किया जाता है। रामलला को चार समय का भोग अर्पित किया जाता है, जो मंदिर की पवित्र रसोई में विधिवत तैयार होता है।

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दिन की शुरुआत बाल भोग से होती है। इसके पश्चात समय और ऋतु के अनुसार अलग-अलग व्यंजन प्रभु को अर्पित किए जाते हैं।

इसी क्रम में पौष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि, विक्रम संवत 2082 (गुरुवार, 19 दिसंबर) को श्री रामलला का शुभ अलौकिक श्रृंगार संपन्न हुआ।

ऋतु के अनुसार वस्त्र और श्रृंगार

रामलला को प्रतिदिन मौसम के अनुसार वस्त्र धारण कराए जाते हैं।

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  • गर्मियों में सूती व हल्के वस्त्र
  • शीत ऋतु में स्वेटर व ऊनी वस्त्र पहनाए जाते हैं

प्रभु श्रीराम को अर्पित की जाने वाली फूलों की माला विशेष रूप से दिल्ली से मंगाई जाती है, जिससे श्रृंगार और भी भव्य दिखाई देता है।

आरती और दर्शन का समय

  • प्रथम आरती: सुबह 6:30 बजे (जागरण आरती)
  • दोपहर भोग आरती: 12:00 बजे
  • संध्या आरती: शाम 7:30 बजे
  • शयन आरती एवं शयन: रात 8:30 बजे

रामलला के दर्शन प्रतिदिन शाम 7:30 बजे तक ही किए जा सकते हैं। इसके पश्चात शयन की प्रक्रिया प्रारंभ होती है।

पूजन की संपूर्ण प्रक्रिया

सुबह प्रभु को जगाने के साथ ही पूजन आरंभ होता है। इसके बाद
लेप → स्नान → वस्त्र धारण → अलंकरण → भोग → आरती
की दिव्य परंपरा का पालन किया जाता है।

प्रतिदिन भगवान श्री राम भक्तों को अलग-अलग दिव्य स्वरूपों में दर्शन देते हैं, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो जाते हैं।