
राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धि, सतनाम परंपरा और विकास: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सुशासन संदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मिलेनियर फार्मर अवॉर्ड, गुरु घासीदास जयंती, श्रमिक सम्मान और 1000 करोड़ की विकास योजनाओं से छत्तीसगढ़ के सुशासन का संदेश दिया।
राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की पहचान, सतनाम परंपरा से लेकर विकास तक: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन का संदेश
✍️प्रदेश खबर | रायपुर| छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इन दिनों राष्ट्रीय उपलब्धियों, सामाजिक समरसता, किसानों, श्रमिकों और विकास कार्यों को लेकर लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। उनके हालिया वक्तव्यों और कार्यक्रमों से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार का फोकस कृषि नवाचार, सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक मूल्यों और समावेशी विकास पर केंद्रित है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि “मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025” अवॉर्ड में छत्तीसगढ़ के धमतरी, मुंगेली और गौरेला–पेण्ड्रा–मरवाही जिलों को “कृषि क्षेत्र में निजी निवेशों के माध्यम से आजीविका विकास में प्रशासनिक उत्कृष्टता” के लिए सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल राज्य के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की सशक्त कृषि नीति और प्रभावी प्रशासन का भी प्रमाण है।
कृषि नवाचार से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण को बढ़ावा देकर सरकार किसानों की आय में स्थायी वृद्धि की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि
“यह सम्मान किसानों की आय वृद्धि, स्थानीय संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के हमारे निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।”
सरकार का मानना है कि निजी निवेश और प्रशासनिक सहयोग के जरिए कृषि को लाभकारी बनाया जा सकता है, जिससे ग्रामीण युवाओं को भी नए अवसर मिलें।
सतनाम समाज और गुरु घासीदास के विचारों पर सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कई अवसरों पर “जय सतनाम” के संदेश के साथ यह स्पष्ट किया कि उनकी सरकार सतनाम समाज के उत्थान और सम्मान के लिए पूरी तरह समर्पित है।
उन्होंने कहा कि
“बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, समानता और सामाजिक न्याय के मूल मंत्र को आधार बनाकर समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का हमारा संकल्प अटूट है।”
भिलाई स्थित सतनाम भवन और रायपुर के पेंशन बाड़ा में आयोजित गुरु घासीदास जयंती के गुरुपर्व कार्यक्रमों में शामिल होकर मुख्यमंत्री ने बाबा घासीदास जी को नमन किया और पूरे छत्तीसगढ़ की खुशहाली की कामना की।
“मनखे-मनखे एक समान” से सुशासन की सोच
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी का अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” छत्तीसगढ़ की आत्मा और सामाजिक शक्ति है।
उनके अनुसार यह विचार
- समानता
- शिक्षा
- मानवता
- सामाजिक समरसता
को मजबूत करता है और राज्य के सुशासन का आधार बनता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि गुरु घासीदास जी के आदर्शों पर चलते हुए सरकार द्वारा समाजहित से जुड़ी सुविधाओं और विकास कार्यों की घोषणाएं की गई हैं।
स्वतंत्रता सेनानियों को नमन, राष्ट्रवाद का संदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अमर शहीद पं. राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक़ उल्ला ख़ाँ और ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि
“भारत की आज़ादी के लिए दिए गए इस बलिदान का देश सदैव ऋणी रहेगा।”
इसके साथ ही उन्होंने गोवा मुक्ति दिवस के अवसर पर गोवा वासियों को शुभकामनाएं देते हुए विदेशी शासन से मुक्ति दिलाने वाले वीर सपूतों को नमन किया।
श्रमिकों के सम्मान को बताया नए छत्तीसगढ़ की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि
“श्रमिक का सम्मान ही नए छत्तीसगढ़ की पहचान है।”
उन्होंने बताया कि सरकार
- आर्थिक सुरक्षा
- पौष्टिक भोजन
- बच्चों की शिक्षा
- स्वरोजगार के अवसर
के माध्यम से श्रमिकों के जीवन में ठोस बदलाव ला रही है।
सरकार का लक्ष्य है कि हर श्रमिक को सम्मान, सुरक्षा और गरिमा के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिले।
कुनकुरी प्रवास और कार्यकर्ता सम्मेलन
अपने कुनकुरी प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सलियाटोली में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लिया।
उन्होंने कहा कि
“अपनी विधानसभा और अपने लोगों के बीच आकर कार्यकर्ताओं से संवाद करना आत्मीय सुकून और नई ऊर्जा देता है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों के सुशासन काल में जशपुर जिले में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
1000 करोड़ से अधिक के विकास कार्य
मुख्यमंत्री के अनुसार जशपुर जिले में
- स्वास्थ्य
- शिक्षा
- विद्युत
- पर्यटन
- सड़क और पुल
के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम हुए हैं।
इन परियोजनाओं से जिले के हर वर्ग तक सुविधाएं पहुंचेंगी और समग्र विकास को गति मिलेगी।
उन्होंने दोहराया कि
“हमारी सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।”
भविष्य की दिशा साफ
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इन वक्तव्यों और कार्यक्रमों से यह स्पष्ट होता है कि छत्तीसगढ़ सरकार
- नवाचार आधारित कृषि
- सामाजिक समरसता
- सांस्कृतिक मूल्यों
- श्रमिक और किसान कल्याण
- संतुलित क्षेत्रीय विकास
को लेकर स्पष्ट रोडमैप पर काम कर रही है।
सरकार इसे जनता के विश्वास और कार्यकर्ताओं की निष्ठा का परिणाम मानती है।












