DSP पर जानलेवा हमला: भूपेश बघेल बोले– भयभीत छत्तीसगढ़, गृह विभाग पूरी तरह फेल

भयभीत छत्तीसगढ़! DSP पर जानलेवा हमला, भूपेश बघेल ने गृह विभाग को बताया पूरी तरह फेल

छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दंतेवाड़ा जिले में उप पुलिस अधीक्षक (DSP) तोमेश वर्मा पर दिनदहाड़े हुए जानलेवा हमले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

भूपेश बघेल ने लिखा कि अब हालात ऐसे हो चुके हैं कि प्रदेश में खुद पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं। मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि हमलावरों ने DSP तोमेश वर्मा का करीब 80 किलोमीटर तक पीछा किया और फिर उन पर हमला किया। यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अपराधियों में कानून का भय पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने इस हमले को प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का उदाहरण बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ भय के माहौल में जी रहा है। उन्होंने गृह विभाग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि विभाग पूरी तरह फेल हो चुका है और प्रदेश में कानून का राज खत्म होता नजर आ रहा है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

भूपेश बघेल ने राज्य सरकार से मांग की कि वर्तमान गृहमंत्री को तत्काल पद से हटाया जाए और किसी योग्य एवं सक्षम व्यक्ति को इस महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने कहा कि तभी छत्तीसगढ़ में दोबारा कानून का राज स्थापित हो सकता है और आम जनता के साथ-साथ पुलिस बल भी खुद को सुरक्षित महसूस कर सकेगा।

इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल लगातार राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। दंतेवाड़ा जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में DSP स्तर के अधिकारी पर इस तरह का हमला सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक को दर्शाता है।

स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। आम नागरिकों का कहना है कि जब पुलिस अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और हमलावरों की तलाश जारी है।

यह घटना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि प्रदेश में बढ़ते अपराध और कमजोर कानून-व्यवस्था की ओर भी इशारा करती है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।