मनरेगा देशहित की योजना, इसे कमजोर करना गरीबों पर हमला: कांग्रेस
नई दिल्ली।कांग्रेस ने एक बार फिर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) को कमजोर किए जाने को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने स्पष्ट कहा कि मनरेगा को लाने और लागू करने में कांग्रेस का ऐतिहासिक योगदान रहा है और यह योजना पूरी तरह देशहित व जनहित से जुड़ी रही है।
कांग्रेस द्वारा साझा किए गए पोस्टर संदेश में CPP चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी ने कहा कि मनरेगा ऐसा क्रांतिकारी कानून था, जिसने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को रोजगार का कानूनी अधिकार दिया। इससे गांवों में ही काम मिला, पलायन पर रोक लगी और ग्राम पंचायतें सशक्त हुईं।
मोदी सरकार पर गंभीर आरोप
सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने मनरेगा को कमजोर करने की हरसंभव कोशिश की। उन्होंने कहा कि कोविड जैसे संकट के समय मनरेगा गरीबों के लिए संजीवनी साबित हुआ, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने—
- योजना के स्वरूप में मनमाने बदलाव किए
- महात्मा गांधी का नाम हटाया
- बिना विचार-विमर्श और विपक्ष को विश्वास में लिए बदलाव थोपे
जिससे करोड़ों किसानों, श्रमिकों और भूमिहीन ग्रामीण गरीबों के हितों पर सीधा हमला हुआ।
दिल्ली से तय होगा रोजगार, यह गलत सोच
सोनिया गांधी ने कहा कि अब यह तय किया जा रहा है कि किसे, कितना, कहां और किस तरह रोजगार मिलेगा, और यह निर्णय दिल्ली में बैठकर लिया जा रहा है, जो जमीनी सच्चाई से कोसों दूर है। जबकि मनरेगा की मूल भावना थी— गांव खुद तय करे, काम गांव में हो।
कांग्रेस का ऐलान: संघर्ष जारी रहेगा
कांग्रेस ने साफ कहा कि यह कोई पार्टी से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि देश के गरीब, किसान और मजदूरों के अधिकारों से जुड़ा प्रश्न है।
“इस हमले का मुकाबला करने के लिए हम सब तैयार हैं।
20 साल पहले भी हमने रोजगार के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ी थी,
आज भी इस काले कानून के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
कांग्रेस ने दोहराया कि सदन से सड़क तक मनरेगा और गरीबों के अधिकारों की रक्षा की जाएगी।
















