
मनरेगा के काम के अधिकार पर सीधा हमला है VB-G-RAM-G योजना: टी.एस. सिंहदेव
छत्तीसगढ़ में विशेष ग्राम सभाओं में लाई जा रही VB-G-RAM-G योजना को लेकर टी.एस. सिंहदेव ने सरकार पर हमला बोला। कहा— मनरेगा के काम के अधिकार को खत्म कर श्रमिकों के साथ छलावा किया जा रहा है।
रायपुर।पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने विशेष ग्राम सभाओं में प्रस्तावित ‘विकसित भारत जी-राम-जी’ (VB-G-RAM-G) योजना को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह केवल योजना का नाम बदलना नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर आधारित मनरेगा (MGNREGA) के तहत मिले ‘काम के अधिकार’ पर सीधा प्रहार है।
टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि जिस योजना को गांधी जी के ग्राम स्वराज और रोजगार की गारंटी के विचार पर बनाया गया था, उसे आज प्रभु श्री राम के नाम की आड़ लेकर खोखला किया जा रहा है। उन्होंने इसे “राम राज्य नहीं, बल्कि श्रमिकों के साथ छलावा” करार दिया।
उन्होंने जागरूक नागरिकों से अपील की कि ग्राम सभाओं में सरकार से चार सीधे सवाल जरूर पूछें। सिंहदेव ने सवाल उठाया कि सरकार ने नागरिकों के काम मांगने के अधिकार और काम देने की कानूनी गारंटी को क्यों खत्म किया। पहले 15 दिन में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता मिलता था, लेकिन अब काम सरकार की “मर्जी” पर निर्भर कर दिया गया है।
सिंहदेव ने यह भी सवाल किया कि रोजगार की गारंटी देने की जिम्मेदारी से केंद्र सरकार क्यों भाग रही है। उन्होंने कहा कि जिस योजना का 90 से 100 प्रतिशत वित्तीय भार पहले केंद्र उठाता था, अब उसे राज्यों पर क्यों डाला जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि नई व्यवस्था से छत्तीसगढ़ सरकार पर सालाना ₹1500 से ₹1800 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इससे राज्य द्वारा दिए जाने वाले 50 से 100 अतिरिक्त मानव दिवस के रोजगार पर भी संकट खड़ा हो सकता है।
टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि महात्मा गांधी के अंत्योदय के सिद्धांतों पर बनी योजना को भगवान श्री राम के नाम पर कमजोर करना अनुचित है। प्रभु राम न्याय के प्रतीक हैं, ऐसे में उनके नाम पर श्रमिकों के साथ अन्याय क्यों किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह फैसला सिर्फ आज के रोजगार नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा है। सिंहदेव ने नागरिकों से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सजग रहने और ग्राम सभाओं में विरोध दर्ज कराने की अपील की










