SIR वोटर आंकड़ों पर अखिलेश यादव के 9 सवाल: 4 करोड़ से 2.89 करोड़ कैसे पहुंचे?

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के तहत वोटरों की संख्या को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और भाजपा को एक बार फिर कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि जनता सवाल पूछ रही है, लेकिन सरकार के पास कोई साफ जवाब नहीं है।

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अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में वोटर आंकड़ों में विरोधाभास को लेकर लगातार 9 गंभीर सवाल उठाए, जो SIR की पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाते हैं।

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अखिलेश यादव के 9 सीधे सवाल

  • मुख्यमंत्री स्वयं कह चुके हैं कि SIR में 4 करोड़ वोटर कम हुए, तो फिर अब 2 करोड़ 89 लाख का आंकड़ा कैसे सामने आया?
  • महज दो हफ्तों में 1 करोड़ 11 लाख की संख्या अचानक कैसे बढ़ गई?
  • यह वोटों की संख्या वास्तव में जुड़ी है या केवल जोड़ी गई है?
  • अगर इतने बड़े पैमाने पर वोट बने हैं, तो वे लोग नजर क्यों नहीं आए?
  • क्या इतने बड़े पंजीकरण की कोई CCTV रिकॉर्डिंग मौजूद है?
  • कहीं ये आभासीय (वर्चुअल) वोटर तो नहीं हैं?
  • कहीं ये भाजपा के “अजैविक डिजिटल वोटर” तो नहीं?
  • जब भाजपा का मंत्रीमंडल और कार्यकर्ता बीते दो हफ्तों से किसी के महास्वागत के लिए जबरन भीड़ जुटाने में लगे थे, तो यह विशाल कार्य कैसे हुआ?
  • कहीं यह पूरा काम किसी और के ‘कर-कमल’ से तो नहीं कराया गया?

अखिलेश यादव ने कहा कि यदि SIR पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी है, तो सरकार को इन सवालों का तथ्यों और सबूतों के साथ जवाब देना चाहिए। उन्होंने इशारों-इशारों में वोटर लिस्ट में डिजिटल और फर्जी हेरफेर का आरोप भी लगाया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सपा प्रमुख का यह हमला आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की चुनावी रणनीति और प्रशासनिक प्रक्रिया को संदेह के घेरे में लाने की बड़ी कोशिश है।