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छत्तीसगढ़ कांग्रेस की दो अहम बैठकें संपन्न, जनवरी–फरवरी में चलेगा ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’

छत्तीसगढ़ कांग्रेस की दो अहम बैठकें संपन्न, जनवरी–फरवरी में चलेगा ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’

रायपुर, 08 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की दो अत्यंत महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन गुरुवार को राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में किया गया। पहली बैठक प्रदेश की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी (PAC) की रही, जबकि दूसरी बैठक जिला कांग्रेस अध्यक्षों की आयोजित की गई। इन बैठकों में केंद्र सरकार द्वारा किए गए मनरेगा संशोधनों, एसआईआर के तहत वंचित पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने, प्रदेश में चल रही धान खरीदी की समस्याओं और किसानों को राहत दिलाने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठकों में राष्ट्रीय महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, एआईसीसी सचिव एवं सह-प्रभारी डॉ. एस.ए. संपत कुमार, जरिता लेतफ्लांग, एआईसीसी सह-सचिव विजय जांगिड़ सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक और जिला अध्यक्ष बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मनरेगा संशोधन के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा आंदोलन

बैठक के बाद कांग्रेस ने स्पष्ट ऐलान किया कि पार्टी जनवरी और फरवरी 2026 के दौरान पूरे प्रदेश में “मनरेगा बचाओ संग्राम” चलाएगी। इस आंदोलन के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून में किए गए संशोधनों का विरोध किया जाएगा और इसे वापस लेने की मांग को लेकर कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी।

सचिन पायलट का भाजपा पर सीधा हमला

बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने कहा कि यह नए साल की पहली महत्वपूर्ण बैठक है और कांग्रेस वर्किंग कमेटी में संसद के भीतर हुई चर्चाओं के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पूरा विपक्ष मनरेगा संशोधन के खिलाफ एकजुट है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मनरेगा को कमजोर करने के लिए भ्रम फैलाने का काम कर रही है और उसका असली उद्देश्य इस योजना को समाप्त करना है।

सचिन पायलट ने कहा,

“मनरेगा दुनिया का इकलौता ऐसा कानून था जो रोजगार को संवैधानिक अधिकार देता था। पहले यह कानून था, अब इसे केवल एक योजना बना दिया गया है। पहले 15 दिन में काम नहीं मिलने पर 16वें दिन बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान था, जिसे समाप्त कर दिया गया। ग्राम पंचायतों की ताकत छीनी गई, केंद्र और राज्य का योगदान 90:10 से घटाकर 60:40 कर दिया गया। इससे सबसे ज्यादा नुकसान गांवों में रहने वाले भूमिहीन मजदूरों को होगा।”

उन्होंने कहा कि जिस तरह से मोदी सरकार को तीन कृषि कानून और भूमि अधिग्रहण कानून वापस लेने पड़े, उसी तरह कांग्रेस के आंदोलन के दबाव में मनरेगा संशोधन भी वापस लेना पड़ेगा।

दीपक बैज बोले—मनरेगा पर सबसे बड़ा हमला मोदी सरकार ने किया

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी मनरेगा को कांग्रेस की विफलता का स्मारक बताया था और सत्ता में आने के बाद इस योजना के बजट में भारी कटौती कर दी।

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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा के बजट में लगभग 65 प्रतिशत तक कटौती की है, जिसके कारण 100 दिन के रोजगार की गारंटी अब सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है।

दीपक बैज ने कहा,

“देश में मनरेगा के तहत औसतन 37 दिन का रोजगार मिल रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ में यह आंकड़ा पहले ही मात्र 28 दिन का था। वर्तमान में बजट में और कटौती कर काम लगभग बंद कर दिया गया है। इसके कारण छत्तीसगढ़ से करीब 7.5 लाख लोग असम, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कश्मीर जैसे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हुए हैं।”

उन्होंने मांग की कि मनरेगा मजदूरी को बढ़ाकर ₹400 प्रतिदिन किया जाए और मनरेगा संशोधन को तत्काल वापस लिया जाए।

डॉ. चरणदास महंत ने बताया आम आदमी की लड़ाई

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि मनरेगा बचाओ आंदोलन सिर्फ कांग्रेस का आंदोलन नहीं, बल्कि आम आदमी, गरीब मजदूर और ग्रामीण भारत के हितों की लड़ाई है।

उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को पूरी गंभीरता और मजबूती के साथ अंजाम तक पहुंचाया जाएगा और केंद्र सरकार को मजबूर किया जाएगा कि वह मजदूर विरोधी संशोधनों को वापस ले।

टी.एस. सिंहदेव ने जनता के बीच सच ले जाने की अपील की

पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि मनरेगा के मूल प्रावधानों और वर्तमान संशोधनों के बीच के अंतर को जनता के सामने स्पष्ट रूप से रखना होगा।

उन्होंने कहा कि संशोधन से होने वाले नुकसान को गांव-गांव तक पहुंचाना कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है।

जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक में बनी रणनीति

दूसरी बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ मनरेगा बचाओ संग्राम की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यह आंदोलन प्रदेश के हर जिले, ब्लॉक और पंचायत तक पूरी गंभीरता से चलाया जाएगा।

मनरेगा बचाओ संग्राम का चरणबद्ध कार्यक्रम

कांग्रेस ने आंदोलन का विस्तृत कैलेंडर जारी किया है—

10 जनवरी 2026: सभी जिला कांग्रेस कार्यालयों में जिला स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस

11 जनवरी 2026: एक दिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध

12–29 जनवरी 2026: पंचायत स्तर पर चौपाल, जनसंपर्क और नुक्कड़ सभाएं

30 जनवरी 2026: वार्ड और ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरना

31 जनवरी–6 फरवरी 2026: जिला कलेक्टर कार्यालयों पर धरना व ज्ञापन

7–15 फरवरी 2026: राज्य स्तरीय विधानसभा घेराव

16–25 फरवरी 2026: क्षेत्रीय एआईसीसी रैलियां

बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता रहे मौजूद

बैठक में पूर्व मंत्री, सांसद, पूर्व विधायक, जिला अध्यक्ष, युवा कांग्रेस और संचार विभाग के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में मनरेगा बचाओ संग्राम को ऐतिहासिक आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि मनरेगा संशोधन को लेकर अब सियासी लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ी जाएगी। जनवरी और फरवरी 2026 में चलने वाला मनरेगा बचाओ संग्राम आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति को और गरमाने वाला है।

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