
गंजाम में ED की बड़ी कार्रवाई: अवैध रेत व ब्लैक स्टोन माइनिंग से जुड़े 25 ठिकानों पर छापे, ₹2.63 करोड़ नकद जब्त
ओडिशा के गंजाम जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध रेत और ब्लैक स्टोन खनन व भाटी शराब कारोबार से जुड़े 25 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर ₹2.63 करोड़ नकद, दस्तावेज और बेनामी वाहन जब्त किए।
भुवनेश्वर | 18 जनवरी 2026 | प्रवर्तन निदेशालय (ED) के भुवनेश्वर जोनल कार्यालय ने 16 जनवरी 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत ओडिशा के गंजाम जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई अवैध रेत एवं ब्लैक स्टोन माइनिंग, ठेकेदारों और देशी शराब (भाटी) कारोबार से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ की गई।
छापेमारी के दौरान ₹2.63 करोड़ नकद, कई आपत्तिजनक दस्तावेज, बड़ी संख्या में संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड, पावर एग्रीमेंट, खनन पट्टे और अपराध की आय से खरीदे गए कई हाई-एंड बेनामी वाहन बरामद कर जब्त किए गए।
ED के अनुसार जिन परिसरों पर कार्रवाई की गई, वे ऐसे ब्रोकर्स और सिंडिकेट्स से जुड़े हैं, जिनका आपराधिक इतिहास गंभीर रहा है। जांच में सामने आया है कि ये लोग बलपूर्वक अवैध खनन, नाबालिग खनिजों की अवैध बिक्री और स्थानीय लोगों को डराने-धमकाने जैसे कृत्यों में शामिल थे।
प्रवर्तन निदेशालय ने कई मामलों में दर्ज FIRs के आधार पर ECIR दर्ज कर जांच शुरू की थी। आरोप है कि सिंडिकेट द्वारा फर्जी Y-फॉर्म (ट्रांजिट परमिट) का इस्तेमाल कर रेत और ब्लैक स्टोन का अवैध परिवहन और तस्करी की जा रही थी। कई आरोपियों पर हत्या, अपहरण, मारपीट, जालसाजी, धोखाधड़ी और जबरन वसूली जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं।
इसके अलावा CAG (कैग) ने भी गंजाम जिले की रुशिकुल्या, बहुदा और बड़ा नदी के किनारे बड़े पैमाने पर अवैध खनन की ओर इशारा किया है, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है।
ED की जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध खनन से अर्जित राशि को नकद लेन-देन के जरिए देशी शराब और अन्य कारोबारों में खपाया गया, जिससे यह पैसा सरकारी रिकॉर्ड से बाहर रहा।
👉 मामले में आगे की जांच जारी है।












