
लाखों राशन कार्डधारी राशन से वंचित, 32 लाख परिवारों का राशन रोका गया: कांग्रेस
छत्तीसगढ़ में केवाईसी के नाम पर 32 लाख से अधिक राशन कार्ड रद्द किए जाने का कांग्रेस ने आरोप लगाया। कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाया।
रायपुर | 19 जनवरी 2026 |छत्तीसगढ़ में लाखों राशन कार्डधारियों को राशन से वंचित किए जाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार पिछले दो महीनों से 32 लाख उपभोक्ताओं को राशन नहीं दे रही है, जो पूरी तरह से जनविरोधी कदम है।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार जानबूझकर केवाईसी अपडेट का बहाना बनाकर राशन वितरण रोक रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब डेढ़ साल पहले नए राशन कार्ड बनाए गए थे, उस समय आधार कार्ड लिया गया था और उन्हीं कार्डों पर मुख्यमंत्री की तस्वीर भी छपवाई गई थी, तो अब अचानक उन राशन कार्डों को रद्द क्यों किया जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने केवाईसी के नाम पर 32 लाख राशन कार्ड निरस्त कर दिए हैं।
कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में एपीएल और बीपीएल, गरीब से लेकर अमीर, चपरासी से लेकर कलेक्टर तक सभी के राशन कार्ड बनाए गए थे। कांग्रेस शासनकाल में पीडीएस प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पूरे देश में मिसाल बनी थी। उस समय 81 लाख परिवारों के राशन कार्ड बनाए गए थे, जिन्हें ग्राम पंचायत, नगर पंचायत और नगर निगमों की सामान्य सभा में सूची प्रकाशित कर दावा-आपत्ति के बाद स्वीकृत किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद एक बार फिर 81 लाख राशन कार्ड रद्द कर जनता को नए कार्ड बनवाने के लिए लाइन में खड़ा कर दिया गया। आज भी 32 लाख से अधिक परिवार केवल केवाईसी के कारण राशन कार्ड के लिए भटक रहे हैं।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भोजन का अधिकार देश की जनता को मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने दिया था, जबकि भाजपा सरकारों के कार्यकाल में केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में तीन महीने के राशन के नाम पर केवल अंगूठा लगवाया जा रहा है, जबकि पीडीएस का चावल खुले बाजार में बेचा जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ का पीडीएस चावल आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र तक पहुंच रहा है। आदिवासी इलाकों में नमक और चना की आपूर्ति केवल कागजों तक सीमित है। भाजपा सरकार के संरक्षण में पीडीएस का राशन बिचौलियों और कालाबाजारी करने वालों के गोदामों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद से पीडीएस स्टॉक का भौतिक सत्यापन बंद हो गया है और सहकारी समितियों व उपभोक्ता दुकानों को भाजपा नेताओं के लिए चारागाह बना दिया गया है। छत्तीसगढ़ के गरीबों के राशन में घोटाला कर चावल दूसरे राज्यों में बेचा जा रहा है।












