
नक्सलवाद पर अमित शाह का बड़ा ऐलान: 31 मार्च 2026 से पहले होगा पूरी तरह अंत
अमित शाह ने कहा कि सरकार 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद समाप्त करने के लिए संकल्पित है। पश्चिमी सिंहभूम ऑपरेशन को बड़ी सफलता बताया।
नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई: अमित शाह का ऐलान, 31 मार्च 2026 से पहले होगा अंत
नई दिल्ली।भारत को नक्सलवाद से मुक्त करने के अभियान में सरकार ने निर्णायक चरण में प्रवेश कर लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि 31 मार्च 2026 से पहले देश को पूरी तरह नक्सलमुक्त कर दिया जाएगा।
उन्होंने पश्चिमी सिंहभूम (झारखंड) में CRPF और झारखंड पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन को बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि इस कार्रवाई में कुख्यात इनामी नक्सली अनल उर्फ पतिराम मांझी, जो सेंट्रल कमेटी का सदस्य था, समेत 16 नक्सलियों का एनकाउंटर हुआ।
दशकों पुराने आतंक का अंत
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद दशकों तक देश के आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में भय और हिंसा का पर्याय बना रहा। लेकिन बीते कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों की रणनीति, खुफिया तंत्र और विकास कार्यों के चलते नक्सलियों की कमर टूट चुकी है।
उन्होंने कहा कि यह केवल सुरक्षा कार्रवाई नहीं, बल्कि विकास और विश्वास की संयुक्त रणनीति है।
सुरक्षा के साथ विकास
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल बंदूक से नहीं, बल्कि सड़क, स्कूल, अस्पताल और रोजगार के माध्यम से नक्सलवाद को समाप्त कर रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब तेजी से बुनियादी ढाँचा विकसित हो रहा है।
शेष नक्सलियों से अपील
अमित शाह ने शेष नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा और हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौट आएँ। सरकार आत्मसमर्पण करने वालों को पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 केवल एक तारीख नहीं, बल्कि भारत की आंतरिक सुरक्षा के इतिहास में निर्णायक मोड़ होगा। देश को भय, आतंक और हिंसा से मुक्त कर विकास की नई यात्रा शुरू की जाएगी।









