77वें गणतंत्र दिवस पर शिक्षा मंत्रालय की झांकी ने दिखाया ‘Ancient Roots, Digital Wings’ का भारत
नई दिल्ली | 26 जनवरी 2026|भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने एक शिक्षित, सशक्त और समावेशी राष्ट्र के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मंत्रालय ने कहा कि शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से ‘विकसित भारत’ की मजबूत नींव रखी जा रही है।
गणतंत्र दिवस परेड में शिक्षा मंत्रालय की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। यह झांकी भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा व्यवस्था का प्रभावशाली चित्रण करती नजर आई। झांकी की थीम “Ancient Roots, Digital Wings” रही, जो परंपरा और तकनीक के संगम को दर्शाती है।
झांकी में आर्यभट्ट द्वारा शून्य का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए बच्चों को दिखाया गया, वहीं दूसरी ओर छात्र डिजिटल टूल्स, कौशल विकास और सतत विकास को अपनाते हुए नजर आए। यह दृश्य भारत की ज्ञान परंपरा से लेकर आधुनिक शिक्षा तक की यात्रा को दर्शाता है।
PM SHRI स्कूलों के भव्य आर्क के नीचे झांकी में जादुई पिटारा के माध्यम से बुनियादी शिक्षा, कला, खेल और योग आधारित अनुभवात्मक शिक्षा, कौशल विकास, Mission LiFE के तहत पर्यावरण संरक्षण तथा परंपरा और अत्याधुनिक तकनीक का समन्वय प्रस्तुत किया गया।
झांकी का समापन Viksit Bharat 2047 Tower के साथ हुआ, जहां स्मार्ट क्लासरूम और टिंकरिंग लैब्स को नवाचार का केंद्र बताया गया। यह दृश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को एक रॉकेट के रूप में दर्शाता है, जो भारत की स्कूल शिक्षा में सुधारों को गति देकर देश को ज्ञान-आधारित और आत्मनिर्भर भारत की ओर ले जा रहा है।












