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236 करोड़ बैंक फ्रॉड केस: ईडी ने ऋचा इंडस्ट्रीज के पूर्व एमडी संदीप गुप्ता को किया गिरफ्तार

236 करोड़ के बैंक घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, ऋचा इंडस्ट्रीज के पूर्व प्रमोटर संदीप गुप्ता गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED), गुरुग्राम ने मेसर्स ऋचा इंडस्ट्रीज लिमिटेड से जुड़े बहुचर्चित 236 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने कंपनी के पूर्व प्रमोटर और निलंबित प्रबंध निदेशक संदीप गुप्ता को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 20 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया है।

ईडी द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, संदीप गुप्ता पर वर्ष 2015 से 2018 के दौरान विभिन्न बैंकों से प्राप्त ऋण राशि का फर्जी दस्तावेजों, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के जरिए दुरुपयोग करने का आरोप है। इस धोखाधड़ी के कारण बैंकों को कुल 236 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय विशेष न्यायालय (PMLA), गुरुग्राम के समक्ष पेश किया गया, जहां अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आठ दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया है। इस दौरान ईडी आरोपी से पूछताछ कर मनी ट्रेल, फर्जी कंपनियों और संदिग्ध लेन-देन की परतें खोलने की कोशिश करेगी।

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जांच में क्या आया सामने

ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि ऋचा इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा बैंकों से लिए गए कर्ज का उपयोग निर्धारित व्यावसायिक उद्देश्यों के बजाय अन्यत्र किया गया। कंपनी ने फर्जी खरीद-बिक्री, जाली दस्तावेज और शेल कंपनियों के जरिए ऋण राशि को इधर-उधर किया।

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी और उससे जुड़ी संस्थाओं ने फर्जी कंपनियों के माध्यम से करोड़ों रुपये के लेन-देन को अंजाम दिया, जिससे बैंकिंग प्रणाली को गंभीर नुकसान पहुंचा। इन लेन-देन को वैध दिखाने के लिए नकली इनवॉइस, फर्जी बिल और जाली अकाउंटिंग एंट्री का सहारा लिया गया।

सीबीआई केस के आधार पर ईडी की कार्रवाई

यह मामला पहले सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर सामने आया था। सीबीआई की प्राथमिक जांच में बैंक धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के सबूत मिलने के बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

ईडी का कहना है कि जांच अभी जारी है और इस मामले में अन्य व्यक्तियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, बिचौलियों और कंपनियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

ईडी अधिकारियों के मुताबिक, आर्थिक अपराधों और बैंकिंग धोखाधड़ी के मामलों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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