
ED की बड़ी कार्रवाई: इंदौर नगर निगम कर्मचारी चेतन पटेल की ₹39.91 लाख की संपत्ति अटैच
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इंदौर नगर निगम के कर्मचारी चेतन पटेल की ₹39.91 लाख की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। मामला आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार से जुड़ा है।
इंदौर।प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर नगर निगम (IMC) के कर्मचारी चेतन पटेल की लगभग ₹39.91 लाख मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (प्रोविजनली अटैच) किया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 2 फरवरी 2026 को की गई।
ईडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में प्लॉट और आवासीय भवन शामिल हैं, जो चेतन पटेल और उनकी पत्नी ज्योति पटेल के नाम पर दर्ज हैं। इन संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य ₹80 लाख से अधिक बताया गया है।
EOW की FIR से शुरू हुई जांच
ईडी ने यह जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW), इंदौर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं 7, 13(1)(b) और 13(2) से जुड़ा है, जिन्हें PMLA के तहत अनुसूचित अपराध माना गया है।
आय से कई गुना अधिक संपत्ति का आरोप
जांच में सामने आया कि 1 जुलाई 1998 से 24 अप्रैल 2023 की अवधि के दौरान चेतन पटेल ने लगभग ₹1.38 करोड़ की संपत्ति अर्जित की, जो उनकी ज्ञात वैध आय ₹55.11 लाख से कहीं अधिक पाई गई।
फर्जी फर्म के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
ईडी की जांच में यह भी पाया गया कि कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) को चेतन पटेल के कई बैंक खातों और उनकी पत्नी के नाम पर पंजीकृत “नागरोध आर्किटेक्ट्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर” नामक फर्म के माध्यम से घुमाया गया।
ईडी का दावा है कि यह फर्म किसी वास्तविक व्यावसायिक गतिविधि में संलिप्त नहीं थी और इसका उपयोग
- अज्ञात नकद जमा,
- अचल संपत्तियों की खरीद,
- हाउसिंग लोन की अदायगी,
- LIC प्रीमियम भुगतान,
- और व्यक्तिगत खर्चों
के लिए किया गया, जो प्लेसमेंट, लेयरिंग और इंटीग्रेशन की श्रेणी में आता है।
ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले की आगे की जांच जारी है।











