
जशपुर से ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ रवाना, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर से ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान पंचायतों, स्कूलों और आंगनबाड़ी के माध्यम से जनजागरूकता फैलाएगा।
जशपुर से ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिखाई हरी झंडी, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प
जशपुर, 05 फरवरी 2026/छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को जशपुर की धरती से ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ राज्य के गांव-गांव जाकर बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाएगा और समाज को इस कुप्रथा से मुक्त करने का संदेश देगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह अभियान केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि समाज की सोच और मानसिकता में बदलाव लाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज स्वयं आगे आकर बाल विवाह को अस्वीकार नहीं करेगा, तब तक इसका स्थायी समाधान संभव नहीं है।
पंचायतों और स्कूलों से बदलेगी सोच
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह अभियान—
- पंचायतों
- स्कूलों
- आंगनबाड़ी केंद्रों
- ग्राम सभाओं
के माध्यम से चलाया जाएगा, ताकि जनभागीदारी के जरिए यह संदेश हर घर तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
बेटियों के सुरक्षित और सशक्त भविष्य पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि सरकार का संकल्प है कि प्रदेश की हर बेटी शिक्षित, सुरक्षित और सशक्त बने। बाल विवाह रोकना केवल कानून का पालन नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान, अधिकार और उज्ज्वल भविष्य की रक्षा का माध्यम है।
उन्होंने आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहयोग करें।











