ताजा ख़बरेंदेशब्रेकिंग न्यूज़राजनीति
Trending

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: किसानों, डेयरी और कृषि क्षेत्र को मिला पूरा संरक्षण

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में कृषि, डेयरी, सब्जी, अनाज और दालों को पूरी सुरक्षा दी गई है। इससे किसानों की आय, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते (India–US Trade Deal) को भारत के लिए बेहद संतुलित और लाभकारी करार दिया गया है। इस समझौते के तहत जहां भारत के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, वहीं देश के कृषि क्षेत्र, किसानों की आय, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका की पूरी तरह से रक्षा सुनिश्चित की गई है।

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस समझौते में कृषि और उससे जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों पर किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी गई है, जिससे घरेलू किसानों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा से कोई नुकसान न हो।

समझौते की प्रमुख बातें:

कृषि क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित:
केले, आम, संतरा, साइट्रस फल और बेरीज जैसे संवेदनशील फलों पर कोई आयात छूट नहीं दी गई है। इससे बागवानी किसानों की आय सुरक्षित रहेगी और आयात से बाजार में अस्थिरता नहीं आएगी।

डेयरी सेक्टर को 100% सुरक्षा:
भारत ने डेयरी क्षेत्र में किसी भी तरह की बाजार खोलने की अनुमति नहीं दी है। इससे लाखों छोटे डेयरी किसानों और सहकारी आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

सब्जियों पर कोई रियायत नहीं:
प्याज, लहसुन, आलू, मशरूम, मटर, चना, बीन्स जैसी प्रमुख सब्जियां पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी। इससे घरेलू किसानों को बाहरी दबाव से बचाया जा सकेगा और कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

अनाज और दालों की मजबूत सुरक्षा:
गेहूं, चावल, मक्का और दालों पर कोई टैरिफ कटौती या कोटा नहीं दिया गया है। इससे देश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

फल एवं कंद उत्पादकों को संबल:
संतरा, मौसंबी, क्लीमेंटाइन और शकरकंद जैसी फसलों को संरक्षण मिलने से बागवानी एवं कंद उत्पादकों को स्थिर आय सुनिश्चित होगी।

भारतीय कृषि निर्यात को मिलेगा बढ़ावा:
प्रमाणन प्रक्रिया, मानकों के समन्वय और प्रक्रियात्मक अड़चनों को कम कर भारतीय प्रोसेस्ड फूड, ऑर्गेनिक उत्पाद और विशेष कृषि उत्पादों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रवेश आसान बनाया जाएगा।

ग्रामीण MSME को ताकत:
कृषि संरक्षण के साथ-साथ टेक्सटाइल, केमिकल्स और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में अवसर बढ़ने से ग्रामीण MSME, फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन और हस्तशिल्प उद्योग को बड़ा लाभ मिलेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

यह समझौता भारत की कृषि सुरक्षा, किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान करता है। साथ ही, भारतीय निर्यात को बढ़ावा देकर आर्थिक विकास की नई संभावनाएं खोलता है।

 

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!