मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बदली तीन दिव्यांग बेटियों की जिंदगी, मिला नया जीवन

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना बनी दिव्यांग बेटियों के लिए आशा की किरण, तीन बेटियों को मिला नया जीवन

बलरामपुर, 12 फरवरी 2026।मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना उन बेटियों के लिए आशा की किरण बनकर सामने आई है, जिनके जीवन में आर्थिक अभाव और शारीरिक चुनौतियों के कारण विवाह एक सपना बनकर रह जाता है। ऐसी ही जिले की तीन दिव्यांग बेटियों की प्रेरक कहानी है, जिनका जीवन इस योजना के माध्यम से नई दिशा पा सका।

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जिले के विकासखंड वाड्रफनगर अंतर्गत निवास करने वाली दिव्यांग युवती शांति ने भी अपने जीवन में दुल्हन बनने का सपना देखा था, लेकिन बचपन से ही शारीरिक बाधाओं और परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते यह सपना अधूरा सा लगने लगा था। सीमित आय के कारण माता-पिता के लिए विवाह की व्यवस्था कर पाना संभव नहीं हो पा रहा था।

इसी दौरान उन्हें मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की जानकारी मिली। ग्राम पंचायत एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से उनका पंजीयन किया गया और सामूहिक विवाह समारोह में विधि-विधान के साथ विवाह संपन्न कराया गया। जब शांति दुल्हन के रूप में सजीं, तो पूरा परिवार भावुक हो उठा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर उन्होंने नए वैवाहिक जीवन की शुरुआत की।

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शांति ने भावुक होकर कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने उन बेटियों के जीवन में खुशियां भर दी हैं, जिनके सपने आर्थिक अभाव के कारण अधूरे रह जाते हैं। उन्होंने इस योजना के लिए शासन एवं प्रशासन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

दो अन्य दिव्यांग जोड़ों का भी विवाह संपन्न

इस सामूहिक विवाह समारोह में दो अन्य दिव्यांग जोड़ों का भी विवाह संपन्न हुआ। इनमें से एक जोड़े का विवाह हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार मंत्रोच्चार के साथ और दूसरे जोड़े का विवाह ईसाई परंपरा के अनुसार पादरी द्वारा संपन्न कराया गया।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से शासन द्वारा समावेशी सामाजिक सरोकार निभाते हुए समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्ग को सम्मानपूर्वक जीवन की नई शुरुआत का अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिससे सामाजिक समरसता और आत्मसम्मान को बल मिल रहा है