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पश्चिम बंगाल: चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के लिए अपीलेट ट्रिब्यूनल बनाया

BREAKING: पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के लिए अपीलेट ट्रिब्यूनल का गठन

नई दिल्ली/भारत के चुनावी ढांचे को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Election Commission of India ने पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के लिए अपीलेट ट्रिब्यूनल (Appellate Tribunal) का गठन कर दिया है।

यह फैसला 20 मार्च 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना के तहत लिया गया है, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों के लिए अलग-अलग अपीलेट अथॉरिटी नियुक्त की गई हैं।

क्या है पूरा मामला?

चुनाव आयोग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, यह ट्रिब्यूनल उन मामलों की सुनवाई करेगा, जो मतदाता सूची (Electoral Roll) में नाम जोड़ने या हटाने से संबंधित होंगे।

यह कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेश (W.P. Civil No. 1089 of 2025) और Calcutta High Court के मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश के आधार पर उठाया गया है।

किन-किन जिलों के लिए बनाई गई व्यवस्था?

नोटिफिकेशन में कुल 19 अपीलेट अथॉरिटी नियुक्त की गई हैं, जिनमें पूर्व जज और वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी शामिल हैं।

कुछ प्रमुख नियुक्तियां इस प्रकार हैं:

टी.एस. शिवग्नानम – 24 परगना नॉर्थ एवं कोलकाता
प्रदीप्तो राय – 24 परगना नॉर्थ
तपन सेन – पूर्व मेदिनीपुर
प्रणब कुमार देब – कूचबिहार
अशोक कुमार दासाधिकारि – हावड़ा
दीपक साहा राय – दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी

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इसके अलावा, मुर्शिदाबाद, नादिया, मालदा, बिरभूम, पुरुलिया, बांकुड़ा समेत अन्य जिलों के लिए भी अलग-अलग न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

कैसे काम करेगा अपीलेट ट्रिब्यूनल?

मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद कोई भी व्यक्ति अपील कर सकेगा
अपील उन आदेशों के खिलाफ होगी, जो नाम जोड़ने या हटाने से संबंधित हैं
ट्रिब्यूनल संबंधित मामलों की सुनवाई कर अंतिम निर्णय देगा

गजट में तुरंत प्रकाशन के निर्देश

चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि इस अधिसूचना को राज्य सरकार के गजट में **तत्काल (Extraordinary Issue)** प्रकाशित किया जाए।

इसके साथ ही, प्रकाशन के बाद इसकी प्रति आयोग को भेजना भी अनिवार्य किया गया है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

यह कदम चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

विशेष रूप से, मतदाता सूची में गड़बड़ियों या विवादों को तेजी से सुलझाने में यह ट्रिब्यूनल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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