संसद में 3 दिन में बड़े फैसले, 53 लाख करोड़ का विनियोग विधेयक पास

संसद का साप्ताहिक लेखा-जोखा: 3 दिन में बड़े फैसले, 53 लाख करोड़ के विनियोग विधेयक को मंजूरी

नई दिल्ली। संसद का यह सप्ताह छोटा जरूर रहा, लेकिन कामकाज के लिहाज से बेहद अहम साबित हुआ। 16, 17 और 18 मार्च को चली कार्यवाही के दौरान कई महत्वपूर्ण विधायी और वित्तीय निर्णय लिए गए। अब दोनों सदनों की अगली बैठक 23 मार्च को होगी।

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तीन दिन में अहम कामकाज

संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—में इस सप्ताह सीमित समय के बावजूद महत्वपूर्ण चर्चाएं और निर्णय हुए। सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर बहस देखने को मिली।

अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान

इस दौरान रेल मंत्रालय और कृषि मंत्रालय की अनुदान मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई और उसके बाद मतदान भी कराया गया। इन चर्चाओं में विभिन्न दलों के सांसदों ने अपने-अपने विचार रखे और मंत्रालयों के कार्यों की समीक्षा की।

53 लाख करोड़ के विनियोग विधेयक को मंजूरी

सप्ताह का सबसे बड़ा वित्तीय निर्णय 53 लाख करोड़ रुपये से अधिक के खर्च के प्रावधान वाले विनियोग विधेयक को मंजूरी देना रहा। इस विधेयक के पारित होने से सरकार को विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों पर खर्च करने का अधिकार मिल गया है।

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राज्यसभा में 59 सदस्यों को विदाई

राज्यसभा में इस सप्ताह 59 सदस्यों को विदाई दी गई। यह एक भावुक क्षण रहा, जहां सदस्यों ने अपने संसदीय कार्यकाल के अनुभव साझा किए और सदन के प्रति आभार व्यक्त किया।

राजनीतिक और विधायी संकेत

इस सप्ताह के घटनाक्रम से यह स्पष्ट हुआ कि संसद में केवल संख्या बल ही नहीं, बल्कि रणनीति और समय प्रबंधन भी अहम भूमिका निभाते हैं। सरकार ने सीमित समय में अपने महत्वपूर्ण विधायी कार्य पूरे किए।

23 मार्च को फिर होगी बैठक

अब संसद की कार्यवाही 23 मार्च को फिर से शुरू होगी, जहां आगामी सत्र में और भी महत्वपूर्ण विधेयकों और मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

‘Mudda Aapka’ में विशेष चर्चा

इस सप्ताह के विधायी कामकाज और राजनीतिक संदेशों पर विस्तृत चर्चा ‘Mudda Aapka’ कार्यक्रम में की गई, जिसमें विशेषज्ञों ने संसद की कार्यवाही और उसके प्रभावों का विश्लेषण प्रस्तुत किया।