महंगी हुई ईद की सेवई? कांग्रेस ने 2014 vs 2026 कीमतों की तुलना से सरकार पर साधा निशाना

‘महंगी हुई ईद की सेवई’: कीमतों को लेकर कांग्रेस का हमला, सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली। ईद-उल-फितर के मौके पर आवश्यक खाद्य सामग्री की बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने एक ग्राफिक साझा करते हुए दावा किया है कि साल 2014 की तुलना में 2026 में सेवई बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के दाम में भारी बढ़ोतरी हुई है।

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कांग्रेस का दावा: कई गुना बढ़े दाम

:contentReference[oaicite:0]{index=0} द्वारा शेयर किए गए पोस्ट में दूध, बादाम, देसी घी, चीनी, पिस्ता, केसर, खोया और सेवई जैसी वस्तुओं के दामों की तुलना 2014 और 2026 के बीच की गई है।

पोस्ट के अनुसार, दूध ₹30 से बढ़कर ₹72 प्रति लीटर, बादाम ₹500 से ₹1500 प्रति किलो और देसी घी ₹300 से ₹950 प्रति किलो तक पहुंच गया है।

सरकार पर निशाना

कांग्रेस ने इस मुद्दे को आम जनता से जोड़ते हुए कहा कि त्योहारों के समय बढ़ती महंगाई का सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ रहा है। पोस्ट में ‘महंगी हुई ईद की सेवई’ का जिक्र करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए हैं।

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राजनीतिक संदेश

यह तुलना अप्रत्यक्ष रूप से :contentReference[oaicite:1]{index=1} की सरकार पर निशाना मानी जा रही है, जिसमें बताया गया है कि वर्तमान समय में खाद्य वस्तुओं की कीमतें पहले की तुलना में काफी अधिक हो गई हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

आर्थिक जानकारों के अनुसार, कीमतों में वृद्धि के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे महंगाई दर, वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव, उत्पादन लागत में वृद्धि और आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव।

त्योहार और महंगाई का असर

ईद जैसे त्योहारों पर सेवई, दूध, मेवा और अन्य खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है, जिससे कीमतों में उछाल देखने को मिलता है। इसका असर सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है।

ईद के मौके पर महंगाई को लेकर शुरू हुई यह बहस आने वाले समय में और तेज हो सकती है। जहां विपक्ष इसे मुद्दा बना रहा है, वहीं सरकार की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।