
अम्बिकापुर: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए देयक प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि तय, 30 मार्च तक SNA SPARSH भुगतान
"छत्तीसगढ़ शासन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कोषालय में देयक प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 25 मार्च और SNA SPARSH भुगतान हेतु 30 मार्च निर्धारित की है। अधिकारियों को निर्देश जारी।"
अम्बिकापुर: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए देयक प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि तय, 30 मार्च तक SNA SPARSH भुगतान
अम्बिकापुर, 24 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ शासन, वित्त विभाग मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन को ध्यान में रखते हुए कोषालय एवं उप कोषालय में देयक प्रस्तुत करने की अंतिम तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं। इस संबंध में जिले के वरिष्ठ कोषालय अधिकारी द्वारा सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका पालन अनिवार्य किया गया है।
देयक प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि घोषित
जारी निर्देशों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत बजटीय देयकों को कोषालय/उप कोषालय में प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 25 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। वहीं, SNA SPARSH प्रणाली से संबंधित सभी प्रकार के भुगतान के लिए देयक प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 तय की गई है।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने सभी देयकों को प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें, ताकि शासन के निर्देशों के अनुरूप समय पर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
केवल निर्धारित तिथि तक ही स्वीकार होंगे देयक
वरिष्ठ कोषालय अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि कोषालय एवं उप कोषालय में केवल वही देयक स्वीकार किए जाएंगे जो निर्धारित तिथि तक प्रस्तुत किए जाएंगे। 25 मार्च तक केवल बजटीय देयक और 30 मार्च तक SNA SPARSH से संबंधित देयक ही स्वीकार किए जाएंगे।
समयसीमा के बाद प्रस्तुत किए गए देयकों पर किसी प्रकार का विचार नहीं किया जाएगा, जिससे संबंधित विभागों को आर्थिक एवं प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
कुछ देयकों को प्रतिबंध से मिली छूट
शासन के निर्देशों के अनुसार कुछ विशेष श्रेणियों के देयकों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। इनमें भारत सरकार से प्राप्त राशि, राजभवन राज्यपाल से संबंधित देयक, विधानसभा सचिवालय एवं निवास कार्यालय के देयक, उच्च न्यायालय एवं अधीनस्थ न्यायालयों के देयक तथा विधायकों के स्वत्वों से जुड़े देयक शामिल हैं।
इन देयकों को निर्धारित समयसीमा के अतिरिक्त भी स्वीकार किया जा सकेगा, ताकि संवैधानिक और आवश्यक कार्यों में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता पर जोर
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में देयकों की संख्या में तेजी से वृद्धि होती है, जिससे कार्यभार बढ़ जाता है। ऐसे में शासन द्वारा समयसीमा तय करना वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक कदम माना जा रहा है।
इससे न केवल समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा, बल्कि सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी।
अधिकारियों को दी गई विशेष सलाह
वरिष्ठ कोषालय अधिकारी ने सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को सलाह दी है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और समय रहते अपने सभी देयकों को तैयार कर प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि कई बार तकनीकी समस्याओं या दस्तावेजों की कमी के कारण देयक समय पर प्रस्तुत नहीं हो पाते, जिससे भुगतान में देरी होती है। इसलिए सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए देयक पूर्ण और त्रुटिरहित हों।
SNA SPARSH प्रणाली का बढ़ता महत्व
SNA SPARSH प्रणाली के माध्यम से होने वाले भुगतान को इस बार विशेष प्राथमिकता दी गई है। डिजिटल माध्यम से भुगतान की यह प्रणाली पारदर्शिता बढ़ाने और प्रक्रिया को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
30 मार्च 2026 तक इस प्रणाली से जुड़े सभी देयकों को प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है, जिससे वित्तीय वर्ष के अंत तक सभी भुगतान प्रक्रिया पूर्ण की जा सके।
समयसीमा का पालन नहीं करने पर हो सकती है परेशानी
अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि यदि वे निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं करते हैं, तो उनके विभागों के देयक लंबित रह सकते हैं, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ सकता है।
इसलिए सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे समयसीमा का सख्ती से पालन करें और शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्य करें।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित यह समयसीमा प्रशासनिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सभी संबंधित अधिकारियों के लिए यह आवश्यक है कि वे निर्धारित तिथियों के भीतर अपने सभी देयकों को प्रस्तुत करें और शासन के निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।












