
शिमला डायरी: प्रतिभा सिंह का बड़ा बयान – “पार्टी कार्यकर्ताओं को मिले सम्मान, संगठन की मजबूती ही प्राथमिकता”
"हिमाचल कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने संगठन की मजबूती, राज्यसभा चुनाव, और शशि थरूर जैसे नेताओं की भूमिका पर खुलकर अपनी बात रखी। पढ़िए शिमला से विशेष रिपोर्ट।"
शिमला से प्रतिभा सिंह की हुंकार: संगठन में अनुभव को तरजीह और युवाओं को अवसर देने की वकालत
शिमला: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष **प्रतिभा सिंह** ने प्रदेश की राजनीति और पार्टी के आंतरिक ढांचे को लेकर कई बड़े और दूरगामी बयान दिए हैं। शिमला में पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने न केवल अपने राजनीतिक सफर को याद किया, बल्कि भविष्य की चुनौतियों और संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संगठन की मजबूती और हाईकमान को पत्र
प्रतिभा सिंह ने संगठन के वर्तमान ढांचे को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं। उन्होंने खुलासा किया कि पार्टी को नए तरीके से सक्रिय करने के लिए उन्होंने और अन्य नेताओं ने मिलकर के.सी. वेणुगोपाल को पत्र सौंपा है।
“हमने मिलकर वेणुगोपाल जी को पत्र सौंपा और कहा कि मौजूदा संगठन को जल्दी भंग करें, ताकि हम नए संगठन का गठन करें। संगठन भंग होने के बाद भी हमने बार-बार आग्रह किया कि जिला अध्यक्षों का फैसला जल्द होना चाहिए। हमने ऐसे सक्रिय कार्यकर्ताओं के नाम सुझाए हैं जिन्हें 35-40 साल का अनुभव है।”
— प्रतिभा सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष
राज्यसभा और युवा नेतृत्व का स्वागत
राज्यसभा चुनावों को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाते हुए प्रतिभा सिंह ने अपनी उदारता दिखाई। उन्होंने कहा कि राजनीति में युवाओं का आगे आना सुखद है।
युवाओं को अवसर
प्रतिभा सिंह ने कहा, “मुझे खुशी है कि एक नौजवान को अवसर मिला है। उम्मीद है वह सबको साथ लेकर चलेंगे और हर क्षेत्र का दौरा कर समस्याओं को समझेंगे।”
जनता की इच्छा
उन्होंने स्वीकार किया कि लोग चाहते थे कि वह राज्यसभा जाएं, लेकिन पार्टी के फैसले और युवा नेतृत्व को मौका देने की सराहना की।
बुद्धिजीवियों का सम्मान: शशि थरूर पर बयान
कांग्रेस सांसद शशि थरूर को दरकिनार किए जाने की खबरों पर प्रतिभा सिंह ने स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने थरूर को पार्टी की एक अमूल्य संपत्ति बताया।
उन्होंने कहा, “शशि थरूर बहुत ज्ञानी, पढ़े-लिखे और बुद्धिजीवी व्यक्ति हैं। यह किसी को दरकिनार करने की बात नहीं है। हमें गर्व है कि वे कांग्रेस में हैं और पार्टी के लिए उनका योगदान अतुलनीय है।”
सिनेमा और समाज: ‘धुरंधर 2’ पर टिप्पणी
फिल्मों के प्रति अपनी कम रुचि को स्वीकार करते हुए भी उन्होंने राष्ट्रहित के मुद्दों पर अपनी राय रखी। हालिया चर्चित फिल्म ‘धुरंधर 2’ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “मैं ज्यादा फिल्में नहीं देखती, लेकिन अगर कोई फिल्म देश के हित में संदेश दे रही है, तो उसकी सराहना अवश्य होनी चाहिए।”
पहाड़ी राज्य की चुनौतियां और चुनावी भविष्य
हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक और आर्थिक स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पहाड़ी प्रदेश में सरकार चलाना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। उन्होंने आगामी पंचायत चुनावों को लेकर कार्यकर्ताओं को अलर्ट किया।
प्रतिभा सिंह के संबोधन के मुख्य बिंदु:
- घोषणापत्र के वादे: चाहे कांग्रेस हो या बीजेपी, जनता से किए गए वादों को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
- पंचायत चुनाव: चुनाव सिर पर हैं, फील्ड में जाने से पहले हमें खुद को और अधिक मजबूत करना होगा।
- पार्टी के प्रति समर्पण: जिम्मेदारी केवल उन्हीं को मिलनी चाहिए जो पार्टी के लिए समय दें और समर्पित हों।
- पहाड़ी मुश्किलें: छोटे प्रदेश की समस्याओं को समझकर समाधान करने वाला नेतृत्व ही सफल होता है।
प्रतिभा सिंह के बयानों से साफ है कि हिमाचल कांग्रेस में आने वाले दिनों में बड़े संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अनुभव को सम्मान और युवाओं को कमान देने का जो फॉर्मूला उन्होंने सुझाया है, वह पार्टी की आगामी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। शिमला की पहाड़ियों से उठी यह आवाज दिल्ली के गलियारों तक स्पष्ट संदेश दे रही है—कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का वक्त आ गया है।












