
रायपुर AIIMS की ‘सेहत’ खराब: 1600 से अधिक पद रिक्त होने से चरमराई व्यवस्था, राज्यसभा में गूंजी मरीजों की चीख
Raipur AIIMS Staff Shortage News 2026: रायपुर एम्स में डॉक्टरों और कर्मचारियों की भारी कमी के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। राज्यसभा सांसद फूलों देवी नेताम (Phulo Devi Netam) ने सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए बताया कि संस्थान में 1600 से अधिक पद रिक्त हैं। इस वीडियो/आर्टिकल में जानें एम्स रायपुर में रिक्तियों का पूरा विवरण, मरीजों को हो रही परेशानियां और राज्यसभा में उठाई गई मांगें।
रायपुर AIIMS में इलाज का संकट: 1600 से अधिक पद खाली, राज्यसभा में गूंजा बदहाली का मुद्दा
छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान, रायपुर AIIMS में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर हैं। राज्यसभा में सांसद फूलों देवी नेताम ने आधिकारिक आंकड़ों के साथ इस गंभीर मुद्दे को उठाया है।
नई दिल्ली/रायपुर: छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के मरीजों के लिए उम्मीद की किरण माना जाने वाला अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायपुर इन दिनों खुद ही स्टाफ की कमी से “बीमार” महसूस कर रहा है। राज्यसभा सांसद फूलों देवी नेताम ने शून्यकाल के दौरान सदन को अवगत कराया कि संस्थान में करीब 40% स्टाफ गायब है, जिससे मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
— फूलों देवी नेताम, सांसद (राज्यसभा)
रिक्त पदों का पूरा ब्यौरा (मार्च 2026 तक)
सांसद द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट और संस्थान के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, रायपुर AIIMS में रिक्तियों की स्थिति बेहद चिंताजनक है:
| श्रेणी | कुल स्वीकृत पद | वर्तमान में कार्यरत | खाली पद (Vacancies) |
|---|---|---|---|
| चिकित्सक (Doctors/Faculty) | 305 | 190 | 115 |
| नर्स, तकनीकी व प्रशासनिक | 3,884 | 2,387 | 1,497 |
| कुल योग | 4,189 | 2,577 | 1,612 |
मरीजों की मुश्किलें: जांच से लेकर ऑपरेशन तक सब अटके
सांसद ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और कैंसर जैसे महत्वपूर्ण विभागों में ऑपरेशन के लिए लंबी वेटिंग लिस्ट है। गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को कई बार बेड की कमी या डॉक्टर न होने के कारण मेकाहारा (डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल) रेफर कर दिया जाता है, जिससे इलाज में कीमती समय बर्बाद होता है।
भर्ती की वर्तमान स्थिति और समाधान
खबरों के मुताबिक, एम्स रायपुर ने हाल ही में सीनियर रेजिडेंट (88 पद) और रिसर्च नर्स (37 पद) के लिए विज्ञापन जारी किए हैं। साथ ही ग्रुप-B और Group-C के पदों के लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी चल रही है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि जब तक स्थायी फैकल्टी की नियुक्ति नहीं होगी, तब तक संस्थान का दबाव कम नहीं होगा।
सांसद नेताम ने केंद्र सरकार से मांग की है कि एम्स रायपुर में रिक्त पदों को ‘मिशन मोड’ में भरा जाए और बेड की संख्या भी बढ़ाई जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में स्टाफ की कमी केवल आंकड़ों की बात नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन से जुड़ा सवाल है।













