
कांकेर में कारीगरों का ‘महाकुंभ’: खादी आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार बांटेंगे 540 टूलकिट्स, स्वरोजगार को मिलेगी नई उड़ान | प्रदेश खबर
उत्तर बस्तर कांकेर के गोविंदपुर में 26 मार्च को खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के अध्यक्ष मनोज कुमार 540 कारीगरों को आधुनिक टूलकिट्स वितरित करेंगे। कुम्हारी से लेकर मधुमक्खी पालन तक के यंत्रों का होगा वितरण।
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कांकेर में कारीगरों को मिलेंगे आत्मनिर्भरता के पंख: खादी आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार कल बांटेंगे आधुनिक टूलकिट्स
उत्तर बस्तर कांकेर के कारीगरों के लिए कल का दिन ऐतिहासिक होने वाला है। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार स्वयं उपस्थित रहकर 500 से अधिक स्थानीय कारीगरों को मशीनों और टूलकिट्स का वितरण करेंगे, जिससे बस्तर के पारंपरिक हुनर को नई तकनीक का साथ मिलेगा।
उत्तर बस्तर कांकेर: भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अधीन कार्यरत ‘खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग’ (KVIC) द्वारा बस्तर संभाग में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक विशाल टूलकिट वितरण समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आयोग के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार होंगे।
| तारीख: | 26 मार्च, 2026 |
| समय: | दोपहर 12:00 बजे |
| स्थान: | सामुदायिक भवन, ग्राम गोविंदपुर खेल मैदान, कांकेर |
540 कारीगरों को मिलेगा सीधा लाभ
सहायक निदेशक, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम के माध्यम से छत्तीसगढ़ के लगभग 540 कारीगरों को सशक्त बनाया जाएगा। यह वितरण कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इन गतिविधियों के लिए मिलेगी मशीनरी:
- कुम्हारी कार्य: चाक और मिट्टी से जुड़े आधुनिक यंत्र।
- दोना-पत्तल निर्माण: वनोपज आधारित लघु उद्योग के लिए मशीनें।
- मधुमक्खी पालन: शहद उत्पादन के लिए आवश्यक किट्स।
- प्रसंस्करण इकाइयाँ: इमली प्रसंस्करण से जुड़ी मशीनें।
- तकनीकी कार्य: इलेक्ट्रिशियन और प्लम्बर के लिए टूलकिट्स।
- अन्य: फुटवियर निर्माण से संबंधित आधुनिक उपकरण।
स्थानीय हुनर को मिलेगा वैश्विक मंच
खादी आयोग का लक्ष्य स्थानीय कारीगरों की उत्पादकता को बढ़ाना है। आधुनिक टूलकिट्स मिलने से न केवल कारीगरों की मेहनत कम होगी, बल्कि उनके द्वारा बनाए गए उत्पादों की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। इससे बस्तर के उत्पादों को बाजार में बेहतर दाम मिल सकेंगे और युवाओं का रुझान स्वरोजगार की ओर बढ़ेगा।












