
“तेल $200 के पार जाएगा और 50 हज़ार लाशें आएंगी”: जीडी बख्शी ने ट्रंप की युद्ध नीति की उड़ाई धज्जियां
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“8 हज़ार सैनिक और 1000 मील की कोस्टलाइन? सफलता ज़ीरो है!” – जीडी बख्शी ने ट्रंप के ‘हॉर्मुज प्लान’ को बताया आत्मघाती
विशेष रिपोर्ट: मेजर जनरल जीडी बख्शी का अमेरिका और पाकिस्तान पर सबसे बड़ा प्रहार
Pradesh Khabar News Network | नई दिल्ली | 26 मार्च, 2026
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में युद्ध के 27वें दिन भारत के प्रखर सैन्य विश्लेषक मेजर जनरल (रिटायर्ड) जीडी बख्शी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध नीति और 15-सूत्रीय शांति योजना की धज्जियां उड़ा दी हैं। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका केवल ईरान को ‘गधा’ बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब ईरान उनके झांसे में नहीं आने वाला।
1. ट्रंप का ‘डिसेप्शन प्लान’ और पाकिस्तान की भूमिका
जनरल बख्शी ने पाकिस्तान पर तंज कसते हुए उन्हें ‘उचकू चौधरी’ और ‘चटक चार्ली’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान, ट्रंप के उन डिसेप्शन प्लांस (धोखाधड़ी वाली योजनाओं) को चलाने में मदद कर रहा है ताकि ईरान धोखे में आकर मार खाए।
- मध्यस्थों पर सवाल: बख्शी ने जेरेड कुश्नर और स्टीव विटकॉफ की योग्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रंप के साथ गोल्फ खेलने वाला कोई एरिया एक्सपर्ट नहीं हो जाता।
- ईरान का रुख: ईरान ने साफ कर दिया है कि वह पाकिस्तान नहीं आएगा और न ही इन मध्यस्थों पर भरोसा करेगा।
2. ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ खोलना नामुमकिन?
सैन्य गणित समझाते हुए जनरल बख्शी ने बताया कि हॉर्मुज को खोलना अमेरिका के लिए एक बुरा सपना साबित होगा।
| शक्ति (Forces) | संख्या और स्थिति |
|---|---|
| अमेरिकी सेना (मरीन्स + एयरबोर्न) | मात्र 8,000 सैनिक |
| ईरानी सेना (Regular + IRGC + Basij) | करीब 12-13 लाख लड़ाके |
| कोस्टलाइन की लंबाई | 1,000 मील लंबी कठिन भौगोलिक स्थिति |
| सफलता की संभावना | लगभग शून्य (0%) |
3. वियतनाम की याद और ‘ड्राफ्ट डॉज’ का ताना
जनरल बख्शी ने ट्रंप के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने टैंकरों को ‘डरपोक’ कहा था। उन्होंने ट्रंप को उनके अतीत की याद दिलाते हुए कहा:
4. ग्लोबल इकोनॉमी पर मंडराता खतरा
बख्शी ने चेतावनी दी कि यदि ‘बूट्स ऑन द ग्राउंड’ (जमीनी युद्ध) शुरू हुआ, तो:
- तेल की कीमत: $200 प्रति बैरल तक जा सकती है।
- स्टॉक मार्केट: दुनिया भर के बाजारों में ऐतिहासिक गिरावट आएगी।
- राजनीतिक संकट: वियतनाम जैसा हाल होने पर ट्रंप को भी रिचर्ड निक्सन की तरह महाभियोग का सामना करना पड़ सकता है।
जनरल बख्शी का संदेश स्पष्ट है—धोखाधड़ी बंद करें और संजीदगी से शांति की बात करें। ईरान अब अमेरिका की ‘पीठ में छुरा घोंपने’ वाली रणनीति को समझ चुका है। उन्होंने अमेरिका को सलाह दी कि जैसे-तैसे बातचीत करके अपनी इज़्ज़त बचा लें, वरना अंजाम बहुत भयानक होगा।












