
विश्व प्रसिद्ध ‘आज़ी थेर’ रथ उत्सव में प्लास्टिक की सीटियों पर लगा प्रतिबंध, जिला कलेक्टर ने जारी किए सख्त निर्देश
तमिलनाडु के तिरुवरुर में 29 मार्च को निकलने वाली 'आज़ी थेर' रथ यात्रा में प्लास्टिक सीटियों पर पाबंदी। जानें सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के नए नियम।
विश्व प्रसिद्ध ‘आज़ी थेर’ रथ उत्सव में प्लास्टिक की सीटियों पर लगा प्रतिबंध, जिला कलेक्टर ने जारी किए सख्त निर्देश
तिरुवरुर: तमिलनाडु के ऐतिहासिक तिरुवरुर जिले में प्रसिद्ध ‘आज़ी थेर’ (Aazhi Ther) रथ उत्सव की तैयारियाँ जोरों पर हैं। पंगुनी उथिरम उत्सव के हिस्से के रूप में निकलने वाली इस भव्य रथ यात्रा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। जिला कलेक्टर ने उत्सव के दौरान प्लास्टिक की सीटियों (Plastic Whistles) के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
29 मार्च को निकलेगा एशिया का सबसे बड़ा रथ
तिरुवरुर का ‘आज़ी थेर’ एशिया के सबसे बड़े और सबसे भारी रथों में से एक माना जाता है। इस साल यह भव्य रथ यात्रा 29 मार्च को निकाली जाएगी। भगवान त्यागराज स्वामी मंदिर के इस उत्सव को देखने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं।
सुरक्षा और प्रबंधन की समीक्षा
उत्सव की भव्यता और भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
- भीड़ प्रबंधन: लाखों श्रद्धालुओं के लिए रूट मैप तैयार किया गया है और बैरिकेडिंग की जा रही है।
- बुनियादी सुविधाएँ: पेयजल, अस्थायी शौचालय और प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों की व्यवस्था।
- सुरक्षा घेरा: भारी पुलिस बल की तैनाती और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी।
- स्वच्छता: प्लास्टिक मुक्त उत्सव बनाने के लिए कचरा प्रबंधन की विशेष टीम।
श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी
जिला कलेक्टर ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और प्लास्टिक की वस्तुओं का उपयोग न करें। उत्सव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन के साथ सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।












