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जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर कुदरत का कहर: जायसवाल पुल के पास पहाड़ खिसकने से आवाजाही ठप, मलबे में तब्दील हुई सड़क
रामबन: जम्मू-कश्मीर की लाइफलाइन कहे जाने वाले जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर गुरुवार को प्रकृति का विकराल रूप देखने को मिला। रामबन जिले के महत्वपूर्ण **जायसवाल पुल (Jaiswal Bridge)** के पास अचानक हुए भारी भूस्खलन और बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरने के कारण मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। इस घटना ने घाटी को शेष भारत से जोड़ने वाले सड़क मार्ग पर वाहनों के पहिए जाम कर दिए हैं।
कैसे हुई घटना? प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, सुबह के समय जायसवाल पुल के पास की पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभरा कर सड़क पर आ गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पत्थर और मिट्टी इतनी तेजी से गिरे कि कुछ ही सेकंडों में सड़क मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। खुशकिस्मती यह रही कि उस पल कोई वाहन वहां से नहीं गुजर रहा था, वरना यह एक बड़ी त्रासदी हो सकती थी।
रामबन जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश को इस भूस्खलन का मुख्य कारण माना जा रहा है। नमी के कारण मिट्टी ढीली हो गई, जिससे चट्टानें अपनी जगह छोड़ नीचे आ गईं। वर्तमान में हाईवे पर सड़क का नामोनिशान नजर नहीं आ रहा है, केवल विशालकाय पत्थरों और मलबे का साम्राज्य है।
हादसे का व्यापक प्रभाव:
- वाहनों की कतारें: ऊधमपुर से लेकर बनिहाल तक लगभग 3000 से अधिक वाहन फंसे हुए हैं। इनमें मालवाहक ट्रक, पर्यटक बसें और निजी कारें शामिल हैं।
- आवश्यक आपूर्ति बाधित: घाटी को जाने वाली सब्जियों, दूध और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पर बुरा असर पड़ा है।
- अमरनाथ तीर्थयात्री: अग्रिम यात्रा की योजना बना रहे कई श्रद्धालु और पर्यटक बीच रास्ते में फंसे हुए हैं।
प्रशासन की कार्रवाई और राहत कार्य
Ashish Sinha
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