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अम्बिकापुर PHE विभाग का आत्मदाह की चेतावनी पर खंडन: रजनीकांत नाम का कोई ठेकेदार नहीं

अम्बिकापुर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) ने आत्मदाह की चेतावनी देने वाले व्यक्ति के आरोपों को खारिज किया। विभाग के अनुसार, संबंधित व्यक्ति का कोई आधिकारिक अनुबंध नहीं है। जानें क्या है पूरा विवाद।






अम्बिकापुर PHE विभाग का बड़ा खुलासा: आत्मदाह की चेतावनी देने वाले व्यक्ति का विभाग से कोई अनुबंध नहीं

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अम्बिकापुर PHE विभाग का खंडन: आत्मदाह की चेतावनी देने वाले व्यक्ति से विभाग का कोई आधिकारिक नाता नहीं

जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों को कार्यपालन अभियंता ने बताया निराधार; अनुबंध के दस्तावेजों में नहीं मिला नाम

ब्यूरो रिपोर्ट: प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क
दिनांक: 29 मार्च, 2026
स्थान: अम्बिकापुर, छत्तीसगढ़

अम्बिकापुर: लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) खंड अम्बिकापुर में पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और पत्रों के माध्यम से प्रसारित हो रही एक कथित प्रेस विज्ञप्ति और आत्मदाह की चेतावनी पर विभाग ने अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट कर दिया है। विभाग ने इस पूरे मामले को भ्रामक बताते हुए कहा है कि जिस व्यक्ति ने आत्मदाह की चेतावनी दी है, उसका विभाग के साथ कोई भी आधिकारिक अनुबंध (Contract) पंजीकृत नहीं है।

क्या है पूरा मामला?
कथित ठेकेदार श्री रजनीकांत नामक एक व्यक्ति ने पत्र के जरिए विभाग के अधिकारियों पर जल जीवन मिशन के कार्यों में गंभीर आरोप लगाए थे। पत्र में दावा किया गया था कि अधिकारियों द्वारा भुगतान के बदले कमीशन की मांग की जा रही है और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। इसी से क्षुब्ध होकर उन्होंने 30 मार्च 2026 को दोपहर 1:00 बजे पीएचई कार्यालय के समक्ष आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी।

गंभीर आरोपों के बीच विभाग का आधिकारिक स्पष्टीकरण

मामले की संवेदनशीलता और सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए कार्यपालन अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खंड अम्बिकापुर ने त्वरित जांच के आदेश दिए थे। उप-अभियंता और सहायक अभियंता से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर यह पाया गया कि विभाग के रिकॉर्ड में ‘श्री रजनीकांत’ के नाम से कोई भी वर्क ऑर्डर या अनुबंध दर्ज नहीं है।

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कार्यपालन अभियंता ने स्पष्ट किया कि जब संबंधित व्यक्ति का विभाग के साथ कोई कानूनी अनुबंध ही नहीं है, तो भुगतान लंबित होने या कमीशन मांगने जैसे आरोपों का कोई आधार ही नहीं बचता। विभाग ने इसे शासकीय कार्यों में बाधा डालने और विभाग की छवि धूमिल करने का एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।

विभाग का पक्ष:
“संबंधित व्यक्ति द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन हैं। विभाग में पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य किया जा रहा है। बिना किसी वैध अनुबंध के इस तरह के दावे करना केवल विभाग पर अनैतिक दबाव बनाने का प्रयास है। आत्मदाह की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को आवश्यक सूचना दे दी गई है।”

जल जीवन मिशन में पारदर्शिता का दावा

गौरतलब है कि कथित पत्र में उल्लेख किया गया था कि 65 लाख रुपये के कार्य के विरुद्ध केवल 22 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। इस पर विभाग का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत होने वाले सभी भुगतान ऑनलाइन और निर्धारित मानकों के आधार पर किए जाते हैं। विभाग ने जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली ऐसी किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें जो कानून-व्यवस्था को प्रभावित करती हो।

प्रशासनिक सतर्कता और आगामी कदम

30 मार्च को आत्मदाह की चेतावनी के मद्देनजर अम्बिकापुर पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट पर है। पीएचई कार्यालय के समक्ष सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। कार्यपालन अभियंता ने स्पष्ट किया है कि विभाग किसी भी प्रकार की जांच के लिए तैयार है, क्योंकि उनके पास संबंधित व्यक्ति के पक्ष में कोई दस्तावेज मौजूद नहीं है। शासन की छवि खराब करने के इस प्रयास के विरुद्ध विभाग कानूनी कार्यवाही पर भी विचार कर रहा है।

प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क इस मामले की बारीकी से निगरानी कर रहा है और प्रशासन द्वारा की जाने वाली हर कार्यवाही को आप तक पहुँचाता रहेगा।

प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क – निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता का प्रतीक

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Ashish Sinha

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