
राजनांदगांव: धूमधाम से मनाया गया भाजपा का स्थापना दिवस, ‘गांव चलो’ अभियान का शंखनाद
"राजनांदगांव जिला भाजपा कार्यालय में स्थापना दिवस पर ध्वजारोहण और संगोष्ठी का आयोजन। 7 से 12 अप्रैल तक चलेगा 'गांव चलो, बस्ती चलो' अभियान।"
वरिष्ठों ने फहराया झंडा, पुरोधाओं को किया नमन: राजनांदगांव भाजपा मुख्यालय में उत्साह के साथ मनाया गया स्थापना दिवस
राजनांदगांव: भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस जिला भाजपा कार्यालय में बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण और ‘वंदे मातरम’ के गान के साथ हुआ, जहाँ वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी के पुरोधाओं को नमन करते हुए राष्ट्रहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
— खूबचंद पारख, वरिष्ठ भाजपा नेता
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए श्री पारख ने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि 6 अप्रैल 1980 को भाजपा का गठन हुआ था और आज समर्पित कार्यकर्ताओं के बल पर यह दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। उन्होंने इसे केवल एक राजनीतिक दल की यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सतत विचारधारा का प्रवाह बताया।
एकात्म मानववाद और सुशासन का संकल्प
विधायक प्रतिनिधि संतोष अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भाजपा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचार और अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन पर आधारित है। वहीं, जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मूल मंत्र को दोहराते हुए कार्यकर्ताओं से सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन भावेश बैद ने किया और आभार प्रदर्शन उपाध्यक्ष तरुण लहरवानी ने किया। इस अवसर पर सुरेश एच लाल, योगेश दत्त मिश्रा, सौरभ कोठारी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यालय को आकर्षक लाइटिंग, फूलों और रंगोलियों से सजाया गया था।
12 अप्रैल तक चलेगा ‘गांव चलो, बस्ती चलो’ अभियान
भाजपा जिला कोषाध्यक्ष और स्थापना दिवस के जिला संयोजक भावेश बैद ने बताया कि राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर 7 से 12 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में ‘गांव-बस्ती चलो’ अभियान चलाया जाएगा।
- सहभागिता: सांसद, विधायक, महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे।
- उद्देश्य: गांवों और बस्तियों में जाकर शासन की योजनाओं के हितग्राहियों से सीधा संवाद करना।
- लक्ष्य: आम लोगों की समस्याओं को सुनना और अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना।










