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बंगाल राशन घोटाला: ED की बड़ी कार्रवाई, निरंजन चंद्र साहा के 17 ठिकानों पर छापेमारी






बंगाल PDS घोटाला: ED की छापेमारी में ‘गुनी बैग’ सिंडिकेट का भंडाफोड़; ₹30.9 लाख नकद जब्त


ED PRESS RELEASE

राशन वितरण घोटाला: ED ने खोला फर्जीवाड़े का ‘काला चिट्ठा’, बांग्लादेश निर्यात हो रहा था गरीबों का गेहूं

कोलकाता ब्यूरो | 17 अप्रैल, 2026 | स्रोत: प्रवर्तन निदेशालय (ED)

नई दिल्ली/कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कोलकाता जोनल ऑफिस ने पश्चिम बंगाल के राशन वितरण प्रणाली (PDS) घोटाले में एक बेहद गंभीर और सुनियोजित साजिश का खुलासा किया है। 10 अप्रैल 2026 को कोलकाता, बनगांव, रानीगंज, मुर्शिदाबाद और हाबरा के 17 ठिकानों पर की गई छापेमारी के बाद एजेंसी ने इस पूरे सिंडिकेट के ‘मोडस ऑपरेंडी’ (काम करने के तरीके) का पर्दाफाश किया है।

बड़ी जब्ती: छापेमारी के दौरान ₹30.9 लाख नकद, बड़ी संख्या में आपत्तिजनक दस्तावेज और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं।

कैसे होता था यह घोटाला? (The Modus Operandi)

ED की जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी निरंजन चंद्र साहा और उनके सहयोगियों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के गेहूं को हड़पने के लिए एक तंत्र बना रखा था:

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  • अवैध खरीद: गरीबों के कल्याण के लिए निर्धारित गेहूं को आपूर्तिकर्ताओं, लाइसेंस प्राप्त वितरकों और दलालों की मिलीभगत से कम कीमतों पर अवैध रूप से खरीदा जाता था।
  • पहचान छिपाना: इसकी असली पहचान छिपाने के लिए आरोपी भारतीय खाद्य निगम (FCI) और राज्य सरकार के चिन्हों वाले मूल ‘गुनी बैग’ (जूट के बोरे) को हटा देते थे या उन्हें उलट देते थे।
  • री-पैकेजिंग: इन बोरों को दोबारा भरकर इन्हें वैध स्टॉक के रूप में दिखाया जाता था ताकि खुले बाजार में इनकी बिक्री या निर्यात किया जा सके।
  • फर्जी कागजात: जांच में पाया गया कि चालान, बिल और ट्रक दस्तावेज बड़े पैमाने पर फर्जी थे, जिनमें जीएसटी नंबर और वाहन नंबरों में जानबूझकर हेराफेरी की गई थी।

5100 मीट्रिक टन गेहूं जब्त, बांग्लादेश भेजने की थी तैयारी

जांच के दौरान लगभग 5101.25 मीट्रिक टन PDS गेहूं जब्त किया गया है, जो करीब 175 ट्रकों में लदा हुआ था। यह स्टॉक विभिन्न पार्किंग लोकेशनों पर छिपाकर रखा गया था। FIR के अनुसार, इस गेहूं को घोजाडांगा LCS के रास्ते अवैध रूप से बांग्लादेश निर्यात किया जाना था।

कुल नकद बरामद ₹30.9 लाख
जब्त गेहूं की मात्रा 5101.25 मीट्रिक टन (175 ट्रक)
प्रमुख आरोपी निरंजन चंद्र साहा, शहाबुद्दीन एसके, सहिदुर रहमान
संबंधित FIR 1150/2020 (बसीरहाट पुलिस स्टेशन)
कानूनी धाराएं PMLA 2002, IPC 379/411/120B, आवश्यक वस्तु अधिनियम

राजस्व को भारी नुकसान और अवैध कमाई

ED के अनुसार, यह एक गहरी और संगठित आपराधिक साजिश थी जिसमें निर्यातक, थोक व्यापारी, ट्रांसपोर्टर और कमीशन एजेंट शामिल थे। आरोपियों ने न केवल सरकारी खजाने को भारी चपत लगाई, बल्कि गरीबों के हक का अनाज छीनकर ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ (अपराध की कमाई) के जरिए अपनी तिजोरियां भरीं। इस मामले में पुलिस ने पहले ही चार्जशीट दाखिल कर दी है और अब ED मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से जांच को आगे बढ़ा रही है।

आगे की कार्रवाई: ED ने स्पष्ट किया है कि जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। इस सिंडिकेट के अन्य अंतर-राज्यीय संपर्कों और मनी ट्रेल का पता लगाया जा रहा है।


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