चुनाव 2026: बंगाल और तमिलनाडु में ₹865 करोड़ की रिकॉर्ड जब्ती, चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन।






चुनाव 2026: बंगाल और तमिलनाडु में भारी जब्ती, ₹865 करोड़ का आंकड़ा पार

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ELECTION WATCH 2026

विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल और तमिलनाडु में धनबल पर प्रहार, चुनाव आयोग ने जब्त किए ₹865 करोड़

नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर प्रलोभन मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अब तक कुल ₹865 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। यह जब्ती 26 फरवरी 2026 को ‘चुनाव जब्ती प्रबंधन प्रणाली’ (ESMS) के सक्रिय होने के बाद से 17 अप्रैल 2026 तक की है।

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बड़ी कार्रवाई: आयोग ने दोनों राज्यों में कुल 5,011 फ्लाइंग स्क्वाड टीमों (FST) और 5,363 स्टेटिक सर्विलांस टीमों (SST) को तैनात किया है ताकि शिकायतों का निपटारा 100 मिनट के भीतर किया जा सके।

राज्यों के अनुसार जब्ती का विवरण (करोड़ रुपये में)

निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु जब्ती के मामले में थोड़ा आगे है, जबकि पश्चिम बंगाल में शराब और ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ी गई है।

राज्य नकद (Cash) शराब (Liquor) ड्रग्स (Drugs) कीमती धातु अन्य (Freebies) कुल (Total)
पश्चिम बंगाल 21 81 100 54 172 427
तमिलनाडु 78 3 74 105 178 438
कुल योग (Total) 99 84 174 159 350 865

शराब और ड्रग्स की भारी बरामदगी

आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 31,94,621 लीटर शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत लगभग ₹81 करोड़ आंकी गई है। वहीं, दोनों राज्यों को मिलाकर कुल ₹174 करोड़ के ड्रग्स और ₹159 करोड़ की कीमती धातुएं (सोना-चांदी) पकड़ी गई हैं। मतदाताओं को लुभाने के लिए बांटे जाने वाले उपहारों (Freebies) की कीमत ₹350 करोड़ तक पहुंच गई है।

आम नागरिकों के लिए निर्देश: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने निर्देश दिया है कि चेकिंग के दौरान आम नागरिकों को परेशान न किया जाए। इसके लिए जिला स्तर पर ‘शिकायत निवारण समितियां’ (District Grievance Committees) गठित की गई हैं।

C-Vigil ऐप के जरिए निगरानी

आयोग ने राजनीतिक दलों और नागरिकों से अपील की है कि वे आदर्श चुनाव आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन की रिपोर्ट C-Vigil Module के माध्यम से करें। आयोग का लक्ष्य हिंसा मुक्त, भय मुक्त और प्रलोभन मुक्त चुनाव संपन्न कराना है।