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उत्तर बस्तर कांकेर: कमार परिवारों का डिजिटल सर्वेक्षण शुरू, 30 अप्रैल तक मोबाईल ऐप से होगी एंट्री।






कांकेर: विशेष पिछड़ी जनजाति कमार परिवारों का सर्वे शुरू, मोबाईल ऐप से जुटाई जा रही जानकारी


उत्तर बस्तर कांकेर, 20 अप्रैल 2026

विशेष पिछड़ी जनजाति कमार परिवारों का महासर्वेक्षण: नरहरपुर के 13 गांवों में मोबाईल ऐप से होगी गणना

छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, रायपुर के निर्देशानुसार उत्तर बस्तर कांकेर जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) कमार परिवारों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए विस्तृत सर्वेक्षण कार्य का शुभारंभ किया गया है। यह सर्वे जिले के उन दुर्गम क्षेत्रों में भी संचालित किया जा रहा है जहाँ ये परिवार पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं।

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सर्वेक्षण की अवधि: नरहरपुर विकासखण्ड के चिन्हित 13 ग्रामों में यह विशेष सर्वेक्षण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है, जो आगामी 30 अप्रैल 2026 तक निरंतर जारी रहेगा।

मोबाईल ऐप के माध्यम से डिजिटल एंट्री

आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस बार सर्वेक्षण की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। कमार परिवारों की विस्तृत जानकारी सीधे उनके निवास स्थान पर जाकर एक विशेष मोबाईल ऐप के माध्यम से दर्ज की जा रही है। इससे आंकड़ों के मिलान और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आसानी होगी।

ग्राम पंचायत स्तरीय संयुक्त दल कर रहा कार्य

इस महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर एक विशेष सर्वेक्षण दल का गठन किया गया है। यह टीम घर-घर पहुँचकर परिवारों की आधारभूत जानकारी संकलित कर रही है। इस दल में निम्नलिखित सदस्यों का समन्वय शामिल है:

  • छात्रावास अधीक्षक (दल प्रभारी)
  • संबंधित ग्राम पंचायत सचिव
  • क्षेत्रीय पटवारी
  • वन विभाग के बीटगार्ड
  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानीन

सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य

इस सर्वेक्षण के माध्यम से कमार जनजाति के परिवारों की शैक्षणिक स्थिति, स्वास्थ्य सुविधाएँ, आय के स्रोत, आवास की स्थिति और ग्राम की आधारभूत संरचनाओं की वास्तविक जानकारी जुटाई जा रही है। ऐप के माध्यम से की जा रही इस ‘इंद्राज’ (Entry) प्रक्रिया से यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी पात्र परिवार शासन की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे।

शासन का लक्ष्य है कि विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTG) को मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनके पारंपरिक कौशल को बढ़ावा दिया जाए और उनके निवास क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाए। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित ग्रामों के नागरिकों से इस सर्वेक्षण दल को सहयोग करने की अपील की है।


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