कलेक्टोरेट में ‘कबाड़’ की सेल: शासकीय सामग्रियों के विक्रय के लिए दरें निर्धारित; कॉपर सबसे महंगा, प्लास्टिक 5 रुपये किलो
कलेक्टोरेट जगदलपुर के राजस्व विभाग के अंतर्गत **नाजरात शाखा** में वर्षों से जमा अनुपयोगी और पुरानी शासकीय सामग्रियों के निराकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने इन सामग्रियों को कबाड़ के रूप में बेचने का निर्णय लिया है, जिसके लिए प्रति किलोग्राम के आधार पर आधिकारिक दरें भी जारी कर दी गई हैं।
कीमती धातुओं से लेकर कागजों तक की दरें तय
जारी सूचना के अनुसार, विक्रय की जाने वाली सामग्रियों में सबसे कीमती **स्कैप कॉपर** है, जिसकी मांग और बाजार मूल्य को देखते हुए दर 246 रुपए प्रति किलो तय की गई है। अन्य सामग्रियों की सूची और उनकी दरें इस प्रकार हैं:
| सामग्री का नाम (Scrap) | निर्धारित दर (प्रति किलो) |
|---|---|
| स्कैप कॉपर (Scrap Copper) | ₹ 246 |
| स्कैप ब्रॉस (Scrap Brass) | ₹ 144 |
| एल्यूमिनियम (Aluminium) | ₹ 82 |
| स्कैप आयरन (Scrap Iron) | ₹ 28 |
| जीआई पाइप (GI Pipe) | ₹ 25 |
| टीन (Tin) | ₹ 15 |
| वाहन टायर और पुराने कागज | ₹ 08 |
| प्लास्टिक (Plastic) | ₹ 05 |
नियम और शर्तें: पारदर्शिता पर जोर
प्रशासन ने इस विक्रय प्रक्रिया के लिए कुछ कड़े नियम भी बनाए हैं। सामग्रियों के नाप-तौल की व्यवस्था और पुराने रिकॉर्ड्स के लिए ‘कागज स्कैपिंग मशीन’ का खर्च स्वयं आवेदक को वहन करना होगा। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए यह अनिवार्य किया गया है कि क्रय की गई कबाड़ सामग्री का उठाव तभी संभव होगा, जब उसकी शत-प्रतिशत राशि शासन के राजकोष में जमा कर दी जाएगी।
इस पहल से न केवल शासकीय कार्यालयों में जमा अनुपयोगी सामग्री से छुटकारा मिलेगा, बल्कि इससे शासन को राजस्व की प्राप्ति भी होगी। कलेक्टोरेट परिसर में साफ-सफाई और स्थान प्रबंधन के लिहाज से भी इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।











