छत्तीसगढ़ खाद वितरण: सीएम विष्णु देव साय के सुशासन में उर्वरकों का रिकॉर्ड स्टॉक; मिडिल ईस्ट संकट के बावजूद किसानों को मिलेगी समय पर खाद





खाद वितरण में सुशासन: छत्तीसगढ़ में उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक, जमाखोरी पर साय सरकार का सख्त पहरा

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अन्नदाता का सम्मान | खरीफ 2026 की तैयारी

अन्नदाता को मिल रहा प्रगति का अधिकार: सीएम विष्णु देव साय के सुशासन में खाद का रिकॉर्ड स्टॉक, जमाखोरी पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

ब्यूरो रिपोर्ट: न्यूज़ डेस्क, प्रदेश खबर
दिनांक: 29 अप्रैल, 2026 | स्थान: रायपुर/अंबिकापुर

रायपुर: छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसके लिए किसान और खेती सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ सीजन 2026 के लिए उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप, प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और उर्वरकों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ जेल भेजने जैसी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

“मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए वितरण प्रणाली को मजबूत किया है। पश्चिम एशिया की चुनौतियों के बावजूद पर्याप्त स्टॉक हमारे सुशासन का प्रमाण है।”

केंद्र का साथ, साय का प्रयास: 15.55 लाख टन का लक्ष्य

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों से केंद्र सरकार ने खरीफ 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को कुल 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आवंटित किया है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने स्पष्ट किया है कि राज्य के गोदामों और सहकारी समितियों में वर्तमान में खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जिससे किसानों को ऐन वक्त पर किसी भी संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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उर्वरक का प्रकार मौजूदा स्टॉक (मीट्रिक टन) स्थिति (खरीफ 2026)
यूरिया 2,43,717 पर्याप्त
डीएपी (DAP) 1,05,631 सुचारु आपूर्ति
एनपीके (NPK) 1,69,109 मजबूत स्टॉक
एसएसपी (SSP) 1,78,657 अधिशेष
कुल योग 7.48 लाख पूर्ण सुरक्षित

जमाखोरी और कालाबाजारी पर ‘ज़ीरो टॉलरेंस’

शासन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई ई-वितरण प्रणाली (e-distribution system) लागू की गई है। सरकार ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे निजी डीलरों और सहकारी केंद्रों पर औचक निरीक्षण करें। यदि कहीं भी निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने या कृत्रिम किल्लत पैदा करने की कोशिश की गई, तो दोषियों के खिलाफ रासुका (NSA) और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सावधान: कृषि मंत्री ने चेतावनी दी है कि खाद की जमाखोरी करने वालों का स्थान दुकानों में नहीं, जेल की सलाखों के पीछे होगा। पारदर्शी वितरण सरकार की पहली शर्त है।

नैनो यूरिया और जैविक खेती को बढ़ावा

वैश्विक संकट को देखते हुए, साय सरकार किसानों को पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ नैनो यूरिया और जैविक खाद अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है। कृषि उत्पादन आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे ग्राम स्तर पर शिविर लगाकर किसानों को नैनो उर्वरकों के लाभ बताएं, जिससे न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी बल्कि आयातित खादों पर निर्भरता भी कम होगी।

प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सरगुजा से लेकर बस्तर तक की सहकारी समितियों में खाद पहुँचने का सिलसिला तेज हो गया है। सरकार की इस सक्रियता ने उन आशंकाओं को खत्म कर दिया है जो मिडिल ईस्ट संकट के कारण वैश्विक स्तर पर जताई जा रही थीं।

प्रस्तुति: आशीष सिन्हा, संपादक – प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क

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