भारत की कृषि अर्थव्यवस्था में उद्यानिकी फसलों का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। इस दौड़ में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए खुद को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित कर लिया है। विशेष रूप से फल उत्पादन के मामले में मध्यप्रदेश अब देश में चौथे स्थान पर काबिज हो गया है।
भारत का कुल फल उत्पादन
म.प्र. का फल उत्पादन
आम उत्पादन में वृद्धि (4 वर्ष)
फलों के राजा ‘आम’ के उत्पादन में प्रदेश की सफलता नई कहानी लिख रही है। पिछले चार वर्षों में प्रदेश में आम के उत्पादन में लगभग 72 हजार मीट्रिक टन की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। यह किसानों के पारंपरिक खेती को छोड़कर उद्यानिकी की ओर बढ़ते रुझान का परिणाम है।
इस वर्ष प्रदेश के प्रमुख जिलों में लगभग 3200 हेक्टेयर क्षेत्र में आम उत्पादन विस्तार की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें मुख्य रूप से शामिल जिले हैं:
- अलीराजपुर और नर्मदापुरम
- रीवा, सतना और सीधी
- शहडोल, अनूपपुर और नरसिंहपुर
राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘कृषि वर्ष’ के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। इसके तहत किसानों को गुणवत्तायुक्त पौधे, तकनीकी प्रशिक्षण और बेहतर विपणन सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। आधुनिक तकनीक और प्रसंस्करण इकाइयों के जुड़ने से मध्यप्रदेश आने वाले समय में आम उत्पादन का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।











