सुशासन तिहार का दिखा असर: बलरामपुर में रमोद के पक्के घर का सपना हुआ सच, सांसद चिंतामणि महाराज ने दी नई सौगात
बलरामपुर: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित ‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर अब आम जनता की समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बन गए हैं। इस अभियान की सफलता की एक जीवंत बानगी विकासखंड बलरामपुर के ग्राम टांगरमहरी में देखने को मिली, जहाँ एक गरीब परिवार के वर्षों पुराने पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल गया है।
सांसद ने रमोद को सौंपा खुशियों का प्रमाण पत्र
सरनाडीह में आयोजित विशेष शिविर के दौरान वह पल टांगरमहरी निवासी रमोद के लिए यादगार बन गया, जब सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने उन्हें स्वयं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किया। सांसद ने रमोद को इस नई उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि केंद्र व राज्य सरकार का लक्ष्य हर गरीब के सिर पर अपनी पक्की छत सुनिश्चित करना है।
कच्चे मकान की चुनौतियों से मिलेगा छुटकारा
लाभार्थी रमोद ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उनका परिवार लंबे समय से मिट्टी के कच्चे मकान में निवास कर रहा था। कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण स्वयं के संसाधनों से ईंट-सीमेंट का मकान खड़ा करना उनके लिए लगभग असंभव था। विशेष रूप से मानसून के दौरान टपकती छत और असुरक्षा की भावना हमेशा बनी रहती थी। अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति मिलने से न केवल घर बनेगा, बल्कि उनके परिवार का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
शासन के प्रति जताया आभार
प्रमाण पत्र पाकर रमोद और उनके परिजनों के चेहरे पर मुस्कान साफ देखी जा सकती थी। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सहित स्थानीय प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया। रमोद ने कहा कि सरकार की योजनाएं अब बिना किसी बिचौलिए के सीधे ग्रामीणों तक पहुँच रही हैं, जिससे आम लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन आ रहा है।
ग्रामीण उत्थान का आधार बनीं जनकल्याणकारी योजनाएं
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में सुशासन तिहार जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशासन लोगों के दरवाजे तक पहुँच रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण उन परिवारों के लिए संजीवनी साबित हो रही है, जो आर्थिक अभावों के कारण मूलभूत सुविधाओं से वंचित थे। बलरामपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे शिविरों के जरिए सैकड़ों आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है, जिससे सरकारी तंत्र के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है।
प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के प्रत्येक पात्र व्यक्ति को शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिले, ताकि समाज के मुख्यधारा से कटे हुए लोग भी विकास की गति में शामिल हो सकें।











