कटनी बनेगा ‘स्वर्ण नगरी’: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विजन, 3.35 लाख टन सोना और 56000 करोड़ का निवेश | Katni Mining Capital






कटनी: ‘चूना नगरी’ से ‘स्वर्ण नगरी’ बनने का सफर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मास्टर प्लान | Pradesh Khabar

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विशेष रिपोर्ट: कटनी

कटनी बनेगा देश की ‘माइनिंग कैपिटल’: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की परिकल्पना से ‘स्वर्ण नगरी’ के रूप में उभरा जिला

कटनी/भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश का कटनी जिला अब केवल ‘चूना नगरी’ तक सीमित नहीं रहेगा। बहुमूल्य खनिजों से समृद्ध यह जिला अब भारत के महत्वपूर्ण खनिज एवं औद्योगिक केंद्रों में ‘माइनिंग कैपिटल’ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। चूना पत्थर, बॉक्साइट और मार्बल के बाद अब कटनी स्वर्ण अयस्क (Gold Ore) और डोलोमाइट के विशाल भंडारों के साथ वैश्विक निवेश मानचित्र पर चमकने को तैयार है।

‘कनकपुरी’ की ओर कदम: 3.35 लाख टन स्वर्ण भंडार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी को ‘कनकपुरी’ अर्थात ‘स्वर्ण नगरी’ के रूप में विकसित करने की परिकल्पना साझा की है। स्लीमनाबाद तहसील के इमलिया गांव (सुनाही) में लगभग 50 वर्षों के लंबे भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के बाद 3.35 लाख टन से अधिक स्वर्ण अयस्क मिलने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

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  • बहु-खनिज क्षेत्र: सोने के साथ ही यहाँ तांबा (Copper), जिंक, लेड और चांदी के भी विशाल भंडार पाए गए हैं।
  • खनन पट्टा: मुंबई की ‘प्रॉस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल प्राइवेट लिमिटेड’ ने 121 करोड़ रुपये की बोली लगाकर 50 वर्षों के लिए माइनिंग लीज हासिल की है।

औद्योगिक विस्तार और डोलोमाइट ब्लॉक्स

कटनी के बड़ेरा एवं बचरबाड़ा में 50 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में तीन बड़े डोलोमाइट ब्लॉक्स को माइनिंग कॉर्पोरेशन के पक्ष में आरक्षित किया गया है। इस निर्णय से स्थानीय स्तर पर खनिज आधारित उद्योगों को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे।

माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0: 56 हजार करोड़ का निवेश प्रस्ताव

अगस्त 2025 में आयोजित ‘माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0’ ने कटनी की तस्वीर बदल दी है। मुख्यमंत्री की निवेशकों के साथ वन-टू-वन चर्चा के परिणामस्वरूप 56,414 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसमें सीमेंट, मिनरल प्रोसेसिंग और धातु प्रसंस्करण क्षेत्र की 8 बड़ी कंपनियों ने गहरी रुचि दिखाई है।

राजस्व में रिकॉर्ड वृद्धि: तकनीक आधारित निगरानी और बेहतर प्रबंधन के चलते कटनी की वार्षिक खनिज आय 100 करोड़ से बढ़कर अब 160 करोड़ रुपये के पार पहुँच गई है।

सुशासन और आधुनिक तकनीक

अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया है:

तकनीक/पहल प्रभाव
ई-चेक गेट (बड़वारा रोड) परिवहन दस्तावेजों की रियल-टाइम ऑनलाइन जांच।
माइनिंग सर्विलांस सिस्टम अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण।
समय-सीमा निराकरण लंबित प्रकरणों का त्वरित समाधान और वैधानिक खनन को बढ़ावा।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का आधार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि कटनी की धरती मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति और आर्थिक शक्ति का नया आधार है। यहाँ खनिज उत्खनन के साथ-साथ सड़क, बिजली, जल और परिवहन जैसी आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इससे न केवल राजस्व बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय आदिवासी समुदायों और श्रमिकों के जीवन स्तर में भी क्रांतिकारी बदलाव आएगा।