सिंचाई परियोजनाओं में लाएं तेजी, किसानों को मिले समय पर लाभ: मुख्य सचिव विकासशील
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने राज्य की महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कड़ा रुख अपनाया है। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की कार्यकारिणी समिति की बैठक में उन्होंने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि भू-अर्जन और फारेस्ट क्लीयरेंस जैसी प्रक्रियाओं में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी प्रक्रियाओं को समय-सीमा में पूर्ण किया जाए ताकि राज्य के किसानों को सिंचाई का लाभ जल्द से जल्द मिल सके।
प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं और उनके लाभ
सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय तक पाइपलाइन लिंक नहर का निर्माण किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट महानदी की सहायक पैरी नदी के अतिरिक्त जल का सदुपयोग करेगा।
- लाभ: पेयजल, निस्तारी और औद्योगिक उपयोग।
- सिंचाई क्षमता: गरियाबंद और महासमुंद जिले के 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नई सिंचाई सुविधा।
आरंग विकासखंड में महानदी पर प्रस्तावित इस बैराज से क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।
- उद्वहन सिंचाई: 1800 हेक्टेयर क्षेत्र में सुनिश्चित सिंचाई।
- अन्य लाभ: क्षेत्र में पर्यटन, नौका विहार और सुगम आवागमन को बढ़ावा।
इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित मटनार योजना बस्तर के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।
- पारिस्थितिकी सुरक्षा: उद्वहन (Lift) प्रणाली होने के कारण कोई विस्थापन या पुनर्वास की जरूरत नहीं।
- आर्थिक विकास: जगदलपुर के समीप देउरगांव बैराज से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
निविदा और प्रशासनिक प्रक्रिया को हरी झंडी
बैठक के दौरान विभिन्न परियोजनाओं के निविदा प्रारूपों (Tender Drafts) पर विस्तृत चर्चा कर उन्हें प्रशासनिक अनुमोदन दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि जो भी तकनीकी अड़चनें आ रही हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दूर किया जाए ताकि धरातल पर काम शुरू हो सके।











