सरगुजा न्यूज़: पहाड़ी कोरवा बस्तियों में 113 नए हैंडपंप, सीएम विष्णुदेव साय का पेयजल संकट पर बड़ा फैसला।






सरगुजा पेयजल संकट: मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहाड़ी कोरवा बस्तियों में लगेंगे 113 नए हैंडपंप | Pradesh Khabar

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अंबिकापुर/सरगुजा, 07 मई 2026

सरगुजा में पेयजल संकट दूर करने बड़ी पहल: पहाड़ी कोरवा बस्तियों में लगेंगे 113 नए हैंडपंप, मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन अलर्ट

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में भीषण गर्मी और पेयजल संकट को देखते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ी राहतकारी पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष निर्देश पर जिले की पहाड़ी कोरवा बस्तियों और सुदूर वनांचलों में 113 नए हैंडपंप और बोरवेल स्थापित करने की स्वीकृति दी गई है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों (PVTG) को उनके घर के समीप ही शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है।

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सरकार की प्राथमिकता: सुदूर वनांचलों में रहने वाले नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना ही हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता: निर्देश के बाद सक्रिय हुआ प्रशासन

विगत दिनों सरगुजा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ग्रामीणों की पेयजल समस्याओं को बेहद गंभीरता से लिया था। उन्होंने जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वनांचल में रहने वाले ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं, विशेषकर पानी के लिए परेशान न हों। मुख्यमंत्री के इसी निर्देश का प्रतिफल है कि अब रिकॉर्ड समय में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है।

कलेक्टर ने दी एक माह की समय-सीमा

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में सरगुजा कलेक्टर एवं डीएमएफ (DMF) अध्यक्ष श्री अजीत वसंत ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित विभागों और जनपद पंचायत सीईओ को सख्त हिदायत दी है कि सभी 113 हैंडपंपों का खनन और स्थापना कार्य एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए।

विकासखंड वार हैंडपंपों का विवरण

जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से स्वीकृत इन कार्यों का सर्वे पूर्ण हो चुका है। जिले के विभिन्न विकासखंडों में हैंडपंपों का वितरण इस प्रकार है:

विकासखंड हैंडपंपों की संख्या
लुण्ड्रा 34
लखनपुर 22
मैनपाट 20
सीतापुर 16
अंबिकापुर 11
बतौली 06
उदयपुर 04
कुल योग 113

झरिया और नालों के पानी से मिलेगी मुक्ति

बता दें कि 24 अप्रैल को आयोजित DMF शासी परिषद की बैठक में पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल और लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज ने इस कार्य को प्राथमिकता दी थी। इस पहल से जिले के हजारों निवासियों, विशेषकर पहाड़ी कोरवा परिवारों को अब दूषित झरिया और दूरस्थ जल स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्हें घर के पास ही स्वच्छ जल मिलेगा, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा भी कम होगा।