सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: “भारत की आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है यह मंदिर” – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
नई दिल्ली: भारत के गौरव और सांस्कृतिक वैभव के प्रतीक श्री सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के आज 75 वर्ष पूर्ण हो गए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देशवासियों को बधाई देते हुए इसे भारत की सनातन ऊर्जा का उत्सव बताया है।
— राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि यह अवसर भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना को और अधिक जागृत एवं समृद्ध करने के संकल्प को मज़बूत करने का है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सोमनाथ का यह वैभव भारत की भावी पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की मुख्य बातें:
- 75वीं वर्षगांठ: 11 मई 1951 को स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की थी।
- विध्वंस से सृजन: यह पर्व आक्रमणकारियों द्वारा किए गए विध्वंस पर भारत की आस्था और सृजन की विजय का उत्सव है।
- भावी विजन: प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के जरिए देश की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर मजबूती दी जा रही है।
सांस्कृतिक चेतना का नया अध्याय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं, के नेतृत्व में मंदिर परिसर का आधुनिक विस्तार किया गया है। आज का दिन न केवल इतिहास को याद करने का है, बल्कि भारत के ‘सांस्कृतिक पुनर्जागरण’ के संकल्प को दोहराने का भी है। देशभर में इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।










