“सच्चाई सामने आनी चाहिए”: सचिन पायलट ने वैश्विक युद्ध और महंगाई पर PM मोदी से मांगे जवाब
नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयानों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। वैश्विक युद्ध की स्थिति और घरेलू महंगाई के मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरते हुए पायलट ने मांग की है कि प्रधानमंत्री को जनसभाओं के बजाय संसद में आकर देश को सच्चाई बतानी चाहिए।
सचिन पायलट ने दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब देश और दुनिया के हालात संवेदनशील हों, तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह सर्वोच्च सदन यानी संसद को पूरी स्थिति से अवगत कराए। उन्होंने कहा:
महंगाई के मुद्दे पर पायलट ने सरकार की आर्थिक नीतियों को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होते ही जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम स्थिर हैं, तो देश में कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
- चुनावी गणित: चुनाव समाप्त होने के तुरंत बाद आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं।
- आंकड़ों की पारदर्शिता: सरकार को स्पष्ट आंकड़ों के साथ बताना चाहिए कि भारत की वास्तविक आर्थिक स्थिति क्या है।
- तेल का रहस्य: तेल के दाम स्थिर होने के बावजूद बढ़ती कीमतों के पीछे क्या कुछ छिपाने की कोशिश की जा रही है?
सचिन पायलट ने सरकार द्वारा जारी किए गए हालिया दिशा-निर्देशों और सुझावों की सूची पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एहतियात बरतने के लिए जो सुझावों की लिस्ट बताई गई है, वे किसी गहरे संकट की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने पुरजोर शब्दों में कहा कि “सच्चाई सबके सामने आनी चाहिए।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पायलट का यह बयान आगामी संसद सत्र से पहले विपक्ष की रणनीति को स्पष्ट करता है। कांग्रेस अब राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक कूटनीति के साथ-साथ महंगाई को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
पायलट ने यह भी जोड़ा कि लोकतंत्र में जनता को यह जानने का हक है कि सरकार पर्दे के पीछे क्या निर्णय ले रही है और वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका किस दिशा में जा रही है।









