वैश्विक संकट के बीच पीएम मोदी का बड़ा आह्वान: ‘140 करोड़ लोग एक कदम बढ़ेंगे, तो देश 140 करोड़ कदम आगे जाएगा’
वडोदरा, गुजरात | 12 मई, 2026
सरदारधाम के शैक्षिक प्रकल्पों का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के वडोदरा में पाटीदार समाज की संस्था ‘सरदारधाम’ द्वारा विकसित डॉ. दुष्यंत और दक्षा पटेल परिसर का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षण सहायता योजना (Teaching Assistance Scheme) का शुभारंभ किया और कई अन्य शैक्षिक परियोजनाओं का भूमिपूजन भी किया।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज और सरकार जब मिलकर काम करते हैं, तो बड़े बदलाव और बेहतर परिणाम सुनिश्चित होते हैं। उन्होंने सरदारधाम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था युवाओं के भविष्य को संवारने के अपने उत्तरदायित्व को पूरी निष्ठा से निभा रही है।
वैश्विक संकट और आत्मनिर्भरता का मंत्र
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में वर्तमान वैश्विक स्थिति, विशेष रूप से पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहे संघर्ष और उसके कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) में आ रही बाधाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया एक के बाद एक संकटों से जूझ रही है—पहले कोविड-19 महामारी, फिर आर्थिक चुनौतियां और अब युद्ध की स्थिति।
“140 करोड़ लोग एक कदम आगे बढ़ते हैं, तो देश भी 140 करोड़ कदम आगे बढ़ता है। वैश्विक संकट के इस मौजूदा दौर में मेरा देशवासियों से विशेष आग्रह है कि हम अपनी जिम्मेदारी समझें।” – पीएम मोदी
पीएम मोदी के प्रमुख आग्रह:
- विदेशी मुद्रा की बचत: प्रधानमंत्री ने नागरिकों से उन व्यक्तिगत गतिविधियों से बचने का आग्रह किया जिनसे विदेशी मुद्रा का अनावश्यक व्यय होता है।
- आयातित वस्तुओं पर निर्भरता कम करें: उन्होंने खाने के तेल और सोने जैसे आयातित उत्पादों के उपभोग में कमी लाने की अपील की।
- वोकल फॉर लोकल: ‘वोकल फॉर लोकल’ को जन आंदोलन बनाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हमें विदेशी सामान के बजाय स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
- डेस्टिनेशन वेडिंग से परहेज: पीएम ने युवाओं और परिवारों से विदेशों में शादी करने (Destination Wedding) के बजाय देश के भीतर ही आयोजन करने का सुझाव दिया।
वडोदरा: ग्लोबल सप्लाई चेन का नया केंद्र
प्रधानमंत्री ने गुजरात और विशेष रूप से वडोदरा की बढ़ती आर्थिक शक्ति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का एक बड़ा केंद्र बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि वडोदरा इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहाँ निर्मित मेट्रो कोच अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच रहे हैं। इसके अलावा, गुजरात अब वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में भी एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और युवाओं का भविष्य
शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सुधारों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को सरकार और समाज के सामूहिक प्रयास का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह नीति 21वीं सदी के कौशल जैसे—क्रिटिकल थिंकिंग, क्रिएटिविटी और कोलैबोरेशन पर आधारित है।
उन्होंने युवाओं को आश्वासन दिया कि सरकार उनके लिए हर क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है। अंतरिक्ष से लेकर स्टार्ट-अप इकोसिस्टम तक, भारत के बेटे-बेटियों के लिए अवसर असीमित हैं। उन्होंने कहा कि नई नीति ने भाषा की बाधाओं को दूर किया है और कौशल विकास को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत की युवा शक्ति और 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प किसी भी वैश्विक संकट को देश की प्रगति की राह में बाधा नहीं बनने देगा। उन्होंने नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और ऊर्जा बचाने जैसे छोटे लेकिन प्रभावी कदम उठाने की भी अपील की।









