आज का पंचांग: 14 मई 2026 – शनि जयंती की पूर्व संध्या और गुरु प्रदोष का महासंयोग
नई दिल्ली/अंबिकापुर: आज दिनांक 14 मई 2026, दिन गुरुवार है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। आज का दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि आज गुरु प्रदोष व्रत रखा जा रहा है और साथ ही शनि जयंती (जो 16 मई को है) के उपलक्ष्य में ग्रहों की विशेष हलचल शुरू हो चुकी है।
1. आज की तिथि और पंचांग के मुख्य अंग (Main Elements)
वैदिक ज्योतिष में पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। आज की स्थिति निम्न प्रकार है:
| पंचांग अंग | विवरण (Details) |
|---|---|
| तिथि | द्वादशी (सुबह 11:20 AM तक), इसके बाद त्रयोदशी आरंभ |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष (ज्येष्ठ मास) |
| वार | गुरुवार (Thursday) |
| नक्षत्र | रेवती (रात 10:34 PM तक), फिर अश्विनी |
| योग | प्रीति (शाम 05:53 PM तक), फिर आयुष्मान |
| करण | तैतिल (सुबह 11:20 AM तक), फिर गर |
2. सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
आज के दिन की खगोलीय गणना के अनुसार सूर्य और चंद्रमा का समय इस प्रकार रहेगा:
- सूर्योदय: सुबह 05:31 AM
- सूर्यास्त: शाम 07:04 PM
- चंद्रोदय: सुबह 03:59 AM (15 मई)
- चन्द्रास्त: शाम 04:22 PM
- सूर्य राशि: मेष (Aries)
- चंद्र राशि: मीन (Pisces) – रात 10:34 PM तक, फिर मेष
3. आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
किसी भी नए कार्य की शुरुआत या मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त का विचार अनिवार्य है:
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:50 AM से दोपहर 12:44 PM तक (यह दिन का सबसे शुभ समय है)।
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:07 AM से 04:49 AM तक।
- अमृत काल: रात 07:58 PM से 09:44 PM तक।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:33 PM से 03:27 PM तक।
4. आज के अशुभ समय (Inauspicious Timings)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने या नए सौदे करने से बचना चाहिए:
- राहुकाल: दोपहर 01:59 PM से 03:41 PM तक।
- यमगण्ड: सुबह 05:31 AM से 07:13 AM तक।
- गुलिक काल: सुबह 08:55 AM से 10:36 AM तक।
- दुर्मुहूर्त: सुबह 10:02 AM से 10:56 AM तक।
5. गुरु प्रदोष व्रत और शनि जयंती का विशेष महत्व
आज 14 मई को गुरु प्रदोष व्रत है। जब त्रयोदशी तिथि गुरुवार के दिन पड़ती है, तो इसे गुरु प्रदोष कहा जाता है। यह व्रत शत्रुओं के नाश, सफलता और स्वास्थ्य के लिए अमोघ माना गया है। शाम के समय भगवान शिव की पूजा करना आज विशेष फलदायी होगा।
शनि जयंती 2026 की आहट
इस वर्ष शनि जयंती 16 मई को मनाई जाएगी, लेकिन पंचांग के अनुसार आज से ही शनि देव की आराधना का महत्व बढ़ गया है। आज रेवती नक्षत्र है जो बुध का नक्षत्र है, और शनि का गोचर मीन राशि में होने के कारण आज दान-पुण्य करना विशेष लाभ देगा।
6. आज का चौघड़िया (Day Choghadiya)
- शुभ (Shubh): सुबह 05:31 AM – 07:13 AM
- चर (Chara): सुबह 10:36 AM – 12:18 PM
- लाभ (Labh): दोपहर 12:18 PM – 01:59 PM
- अमृत (Amrit): दोपहर 01:59 PM – 03:41 PM
7. ज्योतिषीय उपाय और आज की सलाह
आज गुरुवार का दिन है और गुरु प्रदोष का योग है। सुख-समृद्धि के लिए ये उपाय करें:
- भगवान विष्णु और शिव की संयुक्त पूजा: आज शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
- दान का महत्व: चूंकि शनि जयंती समीप है, इसलिए आज काले तिल या उड़द की दाल का दान करें।
- पीपल पूजन: शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ रहेगा।
आज 14 मई 2026 का पंचांग धार्मिक कार्यों के लिए बहुत ही उत्तम है। राहुकाल (01:59 PM – 03:41 PM) को छोड़कर आप अपने सभी महत्वपूर्ण कार्य संपन्न कर सकते हैं। शनि जयंती के इस विशेष सप्ताह में धर्म और कर्म का तालमेल आपके जीवन में सकारात्मकता लाएगा।
(अस्वीकरण: यहाँ दी गई जानकारी पंचांग गणना और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसे केवल सूचना के उद्देश्य से साझा किया गया है।)





