सरगुजा राजपरिवार के राजकुमार आदित्येश्वर शरण सिंहदेव और राजकुमारी त्रिशाला सिंहदेव की वैवाहिक वर्षगाँठ पर उमड़ा उत्साह, कुसमी शंकरगढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजय पैकरा ने दीं अनंत शुभकामनाएं
सरगुजा रियासत के राजकुमार और क्षेत्र के युवाओं के मार्गदर्शक, युवा हृदय सम्राट आदित्येश्वर शरण सिंहदेव (आदि बाबा) एवं राजकुमारी त्रिशाला सिंहदेव की वैवाहिक वर्षगाँठ के सुअवसर पर संपूर्ण सरगुजा संभाग सहित छत्तीसगढ़ राज्य में हर्ष और उत्साह का माहौल है। इस विशेष और मांगलिक अवसर पर राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्रों से निरंतर बधाई संदेशों का तांता लगा हुआ है। इसी कड़ी में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के अंतर्गत आने वाले ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कुसमी शंकरगढ़ के अध्यक्ष विजय पैकरा ने सरगुजा राजपरिवार की इस लोकप्रिय और आदरणीय जोड़ी को वैवाहिक वर्षगाँठ की अनंत, अशेष शुभकामनाएं और हार्दिक बधाई प्रेषित की है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विजय पैकरा ने अपने बधाई संदेश में कहा कि सरगुजा रियासत की ऐतिहासिक और गौरवशाली परंपरा के संवाहक राजकुमार आदित्येश्वर शरण सिंहदेव और राजवधु त्रिशाला सिंहदेव का जीवन आपसी सामंजस्य, समर्पण और लोक कल्याण की भावना का एक अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह पावन जोड़ी न केवल राजपरिवार की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है, बल्कि आम जनमानस के सुख-दुख में सहभागी बनकर लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान बना चुकी है। वैवाहिक वर्षगाँठ का यह दिन हम सभी कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का क्षण है।
— विजय पैकरा (अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, कुसमी शंकरगढ़)
जनता के चहेते मार्गदर्शक हैं आदि बाबा: विजय पैकरा
विजय पैकरा ने सरगुजा राजपरिवार और विशेषकर आदि बाबा के नाम से लोकप्रिय राजकुमार आदित्येश्वर शरण सिंहदेव के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे एक अत्यंत सरल, सहज और दूरदर्शी युवा नेता हैं। सरगुजा की पावन माटी और यहाँ की जनता के प्रति उनका लगाव जगजाहिर है। राजनीतिक सीमाओं से परे उठकर वे सदैव समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की मदद के लिए तत्पर रहते हैं। यही कारण है कि सरगुजा संभाग का प्रत्येक युवा उन्हें अपना आदर्श और युवा हृदय सम्राट मानता है। उनके कुशल नेतृत्व और जनहितैषी सोच ने क्षेत्र के विकास को एक नई गति प्रदान की है।
उन्होंने आगे कहा कि राजकुमारी त्रिशाला सिंहदेव ने भी सरगुजा के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने को बेहद आत्मीयता से अपनाया है। राजपरिवार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखते हुए उन्होंने क्षेत्र की महिलाओं, बच्चों और स्थानीय कला-संस्कृति के उत्थान में हमेशा अपनी गहरी रुचि दिखाई है। सरगुजा के ग्रामीण अंचलों और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में राजपरिवार के प्रति अगाध श्रद्धा और सम्मान है, और इस प्रतिष्ठित युवा दंपति ने अपने व्यवहार और सेवाभाव से उस विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया है।
कुसमी और शंकरगढ़ अंचल में कार्यकर्ताओं ने साझा की खुशियां
ब्लॉक अध्यक्ष विजय पैकरा की अगुवाई में कुसमी और शंकरगढ़ ब्लॉक के स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और क्षेत्रवासियों ने राजकुमार और राजकुमारी की विवाह वर्षगाँठ पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों ने एक-दूसरे को बधाई देकर राजपरिवार के दीर्घायु और सुखद जीवन की कामना की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि आदि बाबा का मार्गदर्शन हमेशा स्थानीय संगठन को मजबूत करने और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए प्रेरित करता है। उनका सौम्य व्यवहार हर कार्यकर्ता में नई ऊर्जा का संचार करता है.
विजय पैकरा ने कहा कि सरगुजा रियासत का इतिहास हमेशा से ही न्याय, त्याग और लोक-कल्याण का रहा है। पूर्व महाराजा और वरिष्ठ राजनेताओं के पदचिह्नों पर चलते हुए राजकुमार आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने आधुनिक दौर की राजनीति और समाज सेवा को एक नई परिभाषा दी है। वे तकनीकी रूप से सक्षम, जागरूक और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ रखने वाले अद्वितीय व्यक्तित्व के धनी हैं। खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं।
अखंड सौभाग्य और दीर्घायु की कामना
समाचार के अंत में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजय पैकरा ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि माँ महामाया की असीम अनुकंपा राजकुमार आदित्येश्वर शरण सिंहदेव और राजकुमारी त्रिशाला सिंहदेव पर सदैव बनी रहे। यह आदर्श जोड़ी समाज की सेवा में इसी तरह अपना महत्वपूर्ण योगदान देती रहे और इनका वैवाहिक जीवन आपसी प्रेम, विश्वास और सामंजस्य के साथ निरंतर आगे बढ़ता रहे। कुसमी-शंकरगढ़ की समस्त जनता और कांग्रेस परिवार की ओर से दोनों को जीवन के इस खूबसूरत पड़ाव के अगले सफल वर्षों के लिए अनंत मंगलकामनाएं प्रेषित हैं।










