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अंबिकापुर में अफ्रीकन स्वाइन फीवर वैक्सीन का देश में पहला ट्रायल: पशुपालन क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि





अम्बिकापुर: अफ्रीकन स्वाइन फीवर वैक्सीन का देश में पहला ट्रायल

देश में पहली बार: अंबिकापुर के शासकीय सुकर फार्म में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन का सफल ट्रायल जारी

अम्बिकापुर, 06 जून 2026: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले स्थित शासकीय सुकर फार्म, सकालो में पशुपालन क्षेत्र की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक ‘अफ्रीकन स्वाइन फीवर’ (ASF) के खिलाफ वैक्सीन का ऐतिहासिक परीक्षण चल रहा है। यह भारत में अपनी तरह का पहला प्रयास है, जिसे राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (NIHSAD), भोपाल के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।

ट्रायल की वर्तमान स्थिति

मार्च 2026 से जारी इस महत्वपूर्ण परीक्षण के तहत हाल ही में भोपाल से आए वैज्ञानिकों की टीम ने फार्म का दौरा किया। टीम ने वैक्सीन के बूस्टर डोज लगाने की प्रक्रिया का निरीक्षण किया और ट्रायल की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया।

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प्रमुख बिंदु:

  • वैज्ञानिक मार्गदर्शन: NIHSAD, भोपाल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वेंकटेश, डॉ. सेंथिल कुमार और डॉ. राजू कुमार नियमित अंतराल पर फार्म का दौरा कर रहे हैं।
  • प्रबंधन: फार्म प्रबंधक डॉ. अजय अग्रवाल और वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सी. के. मिश्रा की देखरेख में यह परीक्षण पशुपालन विभाग के संचालक के दिशा-निर्देशों पर हो रहा है।
  • जैव-सुरक्षा (Bio-security): परीक्षण के दौरान अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मानकों और कड़ी जैव-सुरक्षा का पालन किया जा रहा है ताकि संक्रमण के प्रसार को पूरी तरह रोका जा सके।

अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) क्यों है घातक?

विशेषज्ञों के अनुसार, ASF सूअरों में फैलने वाली एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है। इसकी भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि:

  • इसमें मृत्यु दर बहुत अधिक है।
  • वर्तमान में इसका कोई स्वीकृत उपचार या व्यावसायिक वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
  • यह बीमारी घरेलू और जंगली, दोनों प्रकार के सूअरों को प्रभावित करती है, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

पशुपालन जगत के लिए उम्मीद की किरण

वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सी. के. मिश्रा ने बताया कि यदि यह परीक्षण सफल रहता है, तो यह न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर सूकर पालकों के लिए एक बड़ी राहत होगी। भारत सहित दुनिया के अधिकांश देशों में अभी तक ASF की कोई कारगर वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, ऐसे में अंबिकापुर में हो रहा यह ट्रायल पूरे विश्व के पशुपालन क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।


रिपोर्ट: प्रदेश खबर न्यूज नेटवर्क


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