आज का इतिहास (25 जून): भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दिन और विश्व इतिहास की बड़ी हलचलें
इतिहास के पन्नों में हर तारीख किसी न किसी वजह से दर्ज है, लेकिन 25 जून की तारीख भारत के साथ-साथ दुनिया के कई देशों के राजनीतिक, सांस्कृतिक और खेल जगत के इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ गई है। भारतीय संदर्भ में जहां यह दिन लोकतंत्र के एक बेहद संवेदनशील और विवादित दौर (आपातकाल) की याद दिलाता है, वहीं खेल के मैदान पर इसी दिन भारत ने एक ऐसा इतिहास रचा था जिसने देश में क्रिकेट की पूरी तस्वीर बदल दी। आइए विस्तार से जानते हैं कि आज के दिन (25 जून) इतिहास में क्या-क्या बड़ी घटनाएं दर्ज हुईं।
1. 1975: भारत में आपातकाल (Emergency) की घोषणा – लोकतंत्र का ‘काला अध्याय’
25 जून 1975 की आधी रात को तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सलाह पर देश में ‘आंतरिक अशांति’ के आधार पर अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल की घोषणा कर दी। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे विवादास्पद दौर माना जाता है, जो अगले 21 महीनों (21 मार्च 1977) तक जारी रहा।
क्या था पूरा घटनाक्रम और इसके परिणाम?
- अधिकारों का हनन: आपातकाल लागू होते ही देश के नागरिकों के सभी मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए। सरकार के खिलाफ बोलने या प्रदर्शन करने की आजादी पूरी तरह खत्म हो गई।
- विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी: घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर जयप्रकाश नारायण (जेपी), अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मोरारजी देसाई और सत्येंद्र नारायण सिन्हा सहित देश के हजारों प्रमुख विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को सलाखों के पीछे डाल दिया गया।
- प्रेस पर सेंसरशिप: भारतीय मीडिया और अखबारों पर सख्त सेंसरशिप लागू की गई। अखबारों को कुछ भी छापने से पहले सरकारी अधिकारियों से मंजूरी लेनी पड़ती थी। कई बड़े अखबारों ने विरोध स्वरूप अपनी संपादकीय (Editorial) जगह खाली छोड़ दी थी।
- पृष्ठभूमि: इसकी मुख्य वजह 12 जून 1975 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय का वह ऐतिहासिक फैसला था, जिसमें कोर्ट ने इंदिरा गांधी के 1971 के लोकसभा चुनाव को अवैध घोषित कर दिया था और उन पर 6 साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद देश में राजनीतिक अस्थिरता और विरोध प्रदर्शन काफी तेज हो गए थे, जिसके जवाब में सरकार ने यह कदम उठाया।
2. 1983: जब कपिल देव के ‘क्रिकेट वीरों’ ने जीता पहला विश्व कप
भारतीय खेल इतिहास के लिए 25 जून की तारीख सुनहरे अक्षरों में लिखी गई है। साल 1983 में आज ही के दिन कपिल देव की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर शक्तिशाली वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार क्रिकेट विश्व कप (World Cup) अपने नाम किया था।
इस जीत को भारतीय क्रिकेट का ‘टर्निंग पॉइंट’ माना जाता है। उस समय वेस्टइंडीज की टीम बेहद आक्रामक और लगातार दो बार की विश्व विजेता थी। फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए केवल 183 रन बनाए थे। कयास लगाए जा रहे थे कि वेस्टइंडीज आसानी से इस लक्ष्य को हासिल कर लेगा, लेकिन भारतीय गेंदबाजों (विशेषकर मदन लाल, मोहिंदर अमरनाथ और बलविंदर संधू) ने करिश्माई प्रदर्शन करते हुए पूरी कैरेबियाई टीम को महज 140 रनों पर ढेर कर दिया और भारत ने 43 रनों से यह ऐतिहासिक खिताबी मुकाबला जीत लिया।
3. 1950: कोरियाई युद्ध (Korean War) की शुरुआत
वैश्विक भू-राजनीति के लिहाज से 25 जून 1950 का दिन बेहद अशांत रहा। इसी दिन उत्तर कोरियाई सेना ने अचानक दक्षिण कोरिया पर आक्रमण कर दिया था, जिसके साथ ही ‘कोरियाई युद्ध’ की शुरुआत हुई। यह शीतयुद्ध (Cold War) के दौर का पहला सबसे बड़ा और विनाशकारी सैन्य संघर्ष था।
उत्तर कोरिया को तत्कालीन सोवियत संघ और चीन का समर्थन प्राप्त था, जबकि दक्षिण कोरिया की रक्षा के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) और संयुक्त राष्ट्र की सेनाएं मैदान में उतरी थीं। तीन साल तक चले इस भीषण युद्ध में लाखों सैनिकों और नागरिकों की जान गई। साल 1953 में एक संघर्षविराम समझौते के तहत युद्ध तो रुक गया, लेकिन दोनों देशों के बीच स्थायी शांति संधि आज तक नहीं हो सकी और यह क्षेत्र आज भी दुनिया के सबसे संवेदनशील हिस्सों में से एक है।
4. 1947: ‘द डायरी ऑफ अ यंग गर्ल’ (ऐन फ्रैंक की डायरी) का प्रकाशन
साहित्य और इतिहास के नजरिए से 25 जून 1947 का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। इसी दिन डच भाषा में ऐन फ्रैंक की ऐतिहासिक डायरी “द डायरी ऑफ अ यंग गर्ल” (The Diary of a Young Girl) पहली बार प्रकाशित हुई थी।
यह डायरी नाजी उत्पीड़न का शिकार हुई एक यहूदी लड़की ‘ऐन फ्रैंक’ द्वारा लिखी गई थी, जब वह और उसका परिवार दो साल तक एम्स्टर्डम में नाजियों से छिपकर रह रहे थे। एकाग्रता शिविर (Concentration Camp) में ऐन की मृत्यु के बाद उसके पिता ऑटो फ्रैंक ने इस डायरी को दुनिया के सामने लाया। यह पुस्तक द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यहूदियों पर हुए अत्याचारों का सबसे सजीव और मार्मिक दस्तावेज मानी जाती है, जिसका अनुवाद दुनिया की दर्जनों भाषाओं में हो चुका है।
5. 2009: ‘किंग ऑफ पॉप’ माइकल जैक्सन का आकस्मिक निधन
साल 2009 में 25 जून को मनोरंजन जगत को एक ऐसा झटका लगा जिससे उबरने में प्रशंसकों को सालों लग गए। दुनिया के सबसे लोकप्रिय पॉप सिंगर, डांसर और संगीतकार माइकल जैक्सन (Michael Jackson) का 50 वर्ष की आयु में लॉस एंजिल्स में कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया था।
उन्हें दुनिया भर में ‘किंग ऑफ पॉप’ के नाम से जाना जाता था। उनके एलबम ‘थ्रिलर’ (Thriller) को दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला एलबम होने का गौरव प्राप्त है। मूनवॉक डांस स्टेप को वैश्विक स्तर पर मशहूर करने वाले माइकल जैक्सन की मौत की खबर से पूरी दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई थी और इंटरनेट ट्रैफिक अचानक क्रैश हो गया था।
6. 1658: औरंगज़ेब ने खुद को मुग़ल सम्राट घोषित किया
भारतीय मध्यकालीन इतिहास की बात करें तो 25 जून 1658 को मुग़ल इतिहास की एक बड़ी घटना घटी। शाहजहां के बीमार पड़ने के बाद भाइयों के बीच हुए सत्ता संघर्ष (उत्तराधिकार की लड़ाई) में औरंगज़ेब ने अपने बड़े भाई दारा शिकोह को सामूगढ़ की लड़ाई में पराजित कर दिया और आज ही के दिन खुद को मुग़ल साम्राज्य का शासक घोषित कर औपचारिक रूप से गद्दी संभाली। इसके बाद उसने अपने पिता शाहजहां को आगरा के किले में कैद कर दिया था।
7. 25 जून की अन्य महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं (एक नजर में)
- 1788: वर्जीनिया अमेरिका के संविधान को स्वीकार करने वाला और अमेरिकी संघ में शामिल होने वाला 10वां राज्य बना।
- 1910: प्रसिद्ध संगीतकार इगोर स्ट्रविंस्की के कालजयी बैले “द फायरबर्ड” (The Firebird) का पेरिस में प्रीमियर हुआ, जिसने उन्हें रातों-रात अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाई।
- 1975: मोजाम्बिक ने 477 सालों के पुर्तगाली शासन से पूर्ण स्वतंत्रता हासिल की और समोरा माशेल देश के पहले राष्ट्रपति बने।
- 1991: युगोस्लाविया के विघटन की शुरुआत हुई; स्लोवेनिया और क्रोएशिया ने खुद को स्वतंत्र देश घोषित किया।
- 1993: किम कैंपबेल ने कनाडा की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। इसी दिन तुर्की में भी तानसू सिलर देश की पहली महिला पीएम चुनी गई थीं।
- 1998: माइक्रोसॉफ्ट ने अपना बेहद लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम ‘Windows 98’ आम जनता के लिए आधिकारिक तौर पर जारी किया था।
8. आज के दिन जन्मे और अवसान हुए प्रमुख व्यक्तित्व
प्रमुख जन्म:
- 1903: महान अंग्रेजी लेखक और उपन्यासकार जॉर्ज ऑरवेल (George Orwell) का जन्म बिहार के मोतिहारी में हुआ था। उनकी कृतियां जैसे ‘Animal Farm’ और ‘1984’ दुनिया भर के साहित्य में मील का पत्थर हैं।
- 1852: स्पेन के महान और आधुनिक वास्तुकला के जनक एंटनी गौडी (Antoni Gaudí) का जन्म हुआ था, जिन्होंने बार्सिलोना के प्रसिद्ध ‘सग्राडा फेमिलिया’ चर्च को डिजाइन किया था।
- 1931: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह (वी. पी. सिंह) का जन्म हुआ था, जिन्होंने देश के 7वें पीएम के रूप में कार्य किया और मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए जाने जाते हैं।
प्रमुख निधन:
- 1997: समुद्र विज्ञान के विशेषज्ञ, महान फ्रांसीसी जीवविज्ञानी और ‘एक्वा-लंग’ (Aqua-lung) के सह-आविष्कारक जैक कॉस्ट्यू (Jacques Cousteau) का निधन हुआ था।
- 1984: आधुनिक दुनिया के सबसे प्रभावशाली और प्रसिद्ध फ्रांसीसी दार्शनिक और विचारक मिशेल फूको (Michel Foucault) का निधन हुआ था।
इस प्रकार, 25 जून कैलेंडर की एक ऐसी तारीख है जो हमें एक तरफ राजनीतिक संकटों और मानवाधिकारों के संरक्षण की सीख देती है, तो दूसरी तरफ खेल के मैदान पर असंभव को संभव बनाने के जज्बे और कला-साहित्य के बेजोड़ नमूनों से रू-ब-रू कराती है।








