आज का पंचांग – संपूर्ण विवरण
भारतीय सनातन संस्कृति और परंपरा में पंचांग (Panchang) का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। पंचांग के माध्यम से हमें दैनिक जीवन में समय की शुद्धि, ग्रहों की चाल, नक्षत्रों की स्थिति, और विभिन्न धार्मिक तथा मांगलिक कार्यों के लिए उत्तम मुहूर्तों की सटीक जानकारी प्राप्त होती है। पंचांग मूल रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है: वार, तिथि, नक्षत्र, योग और करण। आइए जानते हैं आज यानी 9 अगस्त 2026, रविवार के पंचांग का संपूर्ण और विस्तृत विश्लेषण।
1. मुख्य पंचांग विवरण (Panchang Summary Table)
| पंचांग अंग | विवरण (आज का दिन) |
|---|---|
| विक्रम संवत | 2083, राक्षस नाम संवत्सर |
| शक सम्वत | 1948, क्रोधी नाम संवत्सर |
| वार | रविवार (सूर्य देव को समर्पित) |
| मास | श्रावण मास (उत्तर भारत के अनुसार) |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| तिथि | एकादशी तिथि (सुबह 11:04 बजे तक, तत्पश्चात द्वादशी तिथि आरम्भ) |
| नक्षत्र | मृगशिरा नक्षत्र (दोपहर 14:43 बजे तक, तत्पश्चात आर्द्रा नक्षत्र) |
| करण | बव और बालव |
| योग | सौभाग्य और शोभन योग |
| सूर्य राशि | कर्क राशि |
| चंद्र राशि | मिथुन राशि |
2. सूर्योदय और चन्द्रोदय की स्थिति
खगोलीय गणना के अनुसार आज सूर्योदय और चन्द्रमा के अस्त व उदय का समय इस प्रकार रहेगा:
- सूर्योदय का समय: प्रातः 05:45 बजे (मानक भारतीय समय)
- सूर्यास्त का समय: सायं 07:05 बजे (मानक भारतीय समय)
- चन्द्रोदय का समय: रात्रि 11:20 बजे के पश्चात
- चन्द्रास्त का समय: दोपहर 12:45 बजे के आसपास
3. आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
किसी भी नए कार्य की शुरुआत, व्यापारिक समझौतों या महत्वपूर्ण अनुष्ठानों के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है। आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त निम्नलिखित हैं:
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक। (यह मुहूर्त सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना जाता है)।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:35 बजे से दोपहर 03:28 बजे तक।
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:12 बजे से प्रातः 05:00 बजे तक।
- अमृत काल: प्रातः 08:15 बजे से प्रातः 09:50 बजे तक।
- नितांत गोधूलि मुहूर्त: सायं 06:55 बजे से सायं 07:18 बजे तक।
4. अशुभ और वर्जित समय – राहुकाल एवं यमगण्ड
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ ऐसे समय होते हैं जिन्हें अशुभ माना जाता है और इस दौरान किसी भी प्रकार के नए या मांगलिक कार्यों को शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है:
- राहुकाल (Rahu Kaal): सायं 05:26 बजे से सायं 07:05 बजे तक। (इस दौरान नया कार्य करने या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें)।
- यमगण्ड काल: दोपहर 12:27 बजे से दोपहर 02:06 बजे तक।
- गुलिक काल: दोपहर 03:45 बजे से सायं 05:26 बजे तक।
- दुर्मुहूर्त: शाम 04:58 बजे से शाम 05:51 बजे तक।
5. आज के दिन की विशेष विशेषताएं एवं महत्व
आज श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जो कि धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यधिक पवित्र मानी जाती है। एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन विधि-विधान से जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु की पूजा-अर्चना करने से समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। चूंकि आज रविवार का दिन है और सूर्य देव की उपासना का विशेष विधान है, इसलिए सुबह स्नान के पश्चात सूर्य को तांबे के लोटे से अर्घ्य देने से मान-सम्मान और आरोग्यता की प्राप्ति होती है।
नक्षत्रों की बात करें तो आज दोपहर तक मृगशिरा नक्षत्र प्रभावी रहेगा, जिसके स्वामी ग्रह मंगल हैं। यह नक्षत्र ज्ञान, कला, अनुसंधान, और बौद्धिक कार्यों के लिए बहुत ही अनुकूल माना जाता है। इसके पश्चात आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा, जिसके स्वामी राहु हैं।
6. दिशा शूल एवं ज्योतिषीय उपाय
आज रविवार के दिन पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहता है। यदि आज के दिन पश्चिम दिशा में यात्रा करना अत्यंत आवश्यक हो, तो दिशा शूल के दोस्तों से बचने के लिए दलिया या घी खाकर घर से बाहर निकलना चाहिए।
आज के लिए विशेष ज्योतिषीय उपाय:
- सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने के लिए जल में कुमकुम और लाल फूल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें।
- ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का कम से कम एक माला जाप करें।
- श्रावण मास के विशेष अवसर पर शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करें।
- जरूरतमंद लोगों को गुड़, गेंहू या लाल वस्त्र का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है।








