वैदिक ज्योतिष और भारतीय कालगणना में ‘पंचांग’ का अत्यंत उच्च स्थान है। सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-अनुष्ठान, यात्रा, गृह प्रवेश, व्यापारिक सौदे या धार्मिक व्रत-पर्व के संपादन से पूर्व तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण—इन पांच प्रमुख अंगों (पंचांग) का सूक्ष्म विश्लेषण किया जाता है। हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 के अंतर्गत भाद्रपद मास का शुक्ल पक्ष सनातन धर्मावलंबियों के लिए भक्ति और शक्ति का पावन काल माना जाता है।
आज 23 सितंबर 2026, दिन बुधवार को भाद्रपद शुक्ल द्वादशी तिथि का विशेष संयोग बन रहा है। यह तिथि भगवान जगन्नाथ और श्रीहरि विष्णु के वामन रूप की आराधना के लिए परम फलदायी मानी गई है। शास्त्रों के अनुसार इसी पावन तिथि को अदिति के गर्भ से कश्यप ऋषि के गृह में भगवान वामन का प्राकट्य हुआ था। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण दैनिक पंचांग और ग्रह-नक्षत्रों का विस्तृत विवरण।
1. आज के मुख्य पंचांग घटक (Main Panchang Elements)
| पंचांग अंग | विवरण एवं समय (23 सितंबर 2026) |
|---|---|
| तिथि (Tithi) | भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वादशी (रात 10:50 बजे तक) | तत्पश्चात त्रयोदशी तिथि प्रारंभ। |
| वार (Day) | बुधवार (Budhavara) – भगवान गणेश और बुद्धि के कारक ग्रह बुध को समर्पित। |
| नक्षत्र (Nakshatra) | श्रवण नक्षत्र (सुबह 09:09 बजे तक) | तत्पश्चात धनिष्ठा नक्षत्र प्रारंभ। |
| योग (Yoga) | सुकर्मा योग (सायं 04:26 बजे तक) | तत्पश्चात धृति योग प्रारंभ। |
| करण (Karana) | बव करण (प्रातः 10:22 बजे तक) | बालव करण (रात 10:51 बजे तक) | तत्पश्चात कौलव करण। |
| पक्ष (Paksha) | शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha) |
| मास (Month) | भाद्रपद (पूर्णिमांत एवं अमांत दोनों गणना अनुसार) |
| विक्रम संवत (Vikram Samvat) | 2083 (सिद्धार्थि संवत्सर) |
| शक संवत (Shaka Samvat) | 1948 (पराभव संवत्सर) |
| ऋतु (Ritu) | शरद / वर्षा संधि ऋतु |
| अयन (Ayana) | दक्षिणायन (Dakshinayana) |
2. सूर्य और चंद्रमा का समय (Sun & Moon Timings)
दैनिक पंचांग में सूर्य और चंद्रमा के उदय व अस्त का समय स्थानिक भूगोल (Latitude & Longitude) पर निर्भर करता है। भारत के मानक समय के अनुसार आज का विवरण इस प्रकार है:
- सूर्योदय (Sunrise): प्रातः 06:10 बजे
- सूर्यास्त (Sunset): सायं 06:17 बजे
- चन्द्रोदय (Moonrise): अपराह्न 04:20 बजे (23 सितंबर)
- चंद्रास्त (Moonset): तड़के 03:51 बजे (24 सितंबर)
- सूर्य राशि (Sun Sign): सूर्य देव कन्या राशि में विराजमान हैं।
- चंद्र राशि (Moon Sign): चंद्रमा रात्रि 09:56 बजे तक मकर राशि में संचार करेंगे, इसके पश्चात कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे।
3. आज का शुभ मुहूर्त और श्रेष्ठ काल (Auspicious Timings)
शुभ मुहूर्तों में किए गए कार्य बिना किसी विघ्न-बाधा के संपन्न होते हैं और मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।
| शुभ काल / मुहूर्त | समय सीमा | महत्व एवं उपयोग |
|---|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat) | प्रातः 04:43 बजे से 05:31 बजे तक | ध्यान, योग, अध्ययन एवं भगवद भजन के लिए सर्वश्रेष्ठ। |
| प्रातः संध्या (Pratah Sandhya) | प्रातः 05:07 बजे से 06:10 बजे तक | गायत्री जप एवं सूर्य देव को अर्घ्य देने का समय। |
| अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurta) | आज अनुपस्थित (Nil) | बुधवार को दोपहर के समय अभिजीत मुहूर्त मान्य नहीं होता। |
| अमृत काल (Amrit Kalam) | रात्रि 11:34 बजे से देर रात 01:15 बजे तक (24 सितंबर) | तंत्र-मंत्र साधना व शुभ कार्यों की योजना हेतु फलदायी। |
| विजय मुहूर्त (Vijaya Muhurat) | दोपहर 02:15 बजे से 03:04 बजे तक | शत्रु विजय, मुकदमों की तैयारी व व्यापारिक सौदों हेतु। |
| गोधूलि मुहूर्त (Godhuli Muhurat) | सायं 06:17 बजे से 06:41 बजे तक | संध्या दीप प्रज्वलन व ईश्वर वंदना के लिए उत्तम। |
4. आज का अशुभ काल एवं वर्जित समय (Inauspicious Timings)
वैदिक ज्योतिष के अनुसार अशुभ काल में कोई भी नया कार्य, गृह प्रवेश, मुंडन, विवाह बातचीत या बड़ा वित्तीय निवेश करने से बचना चाहिए।
- राहुकाल (Rahu Kaal): दोपहर 12:19 बजे से दोपहर 01:49 बजे तक। इस अवधि में कोई भी नया या शुभ काम शुरू न करें।
- यमगंड (Yamaganda): प्रातः 07:49 बजे से 09:19 बजे तक।
- कुलिक (Kulika): प्रातः 10:49 बजे से दोपहर 12:19 बजे तक।
- दुर्मुहूर्त (Dur Muhurat): सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:43 बजे तक।
- वर्ज्यम् (Varjyam): दोपहर 01:23 बजे से 03:05 बजे तक।
- दिशा शूल (Disha Shool): उत्तर दिशा। यदि उत्तर दिशा में यात्रा अत्यंत आवश्यक हो तो तिल या धनिया खाकर प्रस्थान करें।
5. आज का चौघड़िया मुहूर्त (Day & Night Choghadiya)
चौघड़िया देखकर तात्कालिक कार्यों का समय तय किया जाता है। यात्रा या त्वरित कार्यों के लिए शुभ, लाभ, अमृत और चर चौघड़िया उत्तम माने जाते हैं।
दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya – 23 सितंबर 2026)
| चौघड़िया प्रकार | समय सीमा | प्रकृति / फल |
|---|---|---|
| लाभ (Labha) | प्रातः 06:10 से 07:41 बजे तक | शुभ (उन्नति व लाभप्रद) |
| अमृत (Amrita) | प्रातः 07:41 से 09:12 बजे तक | अति शुभ (सर्वकार्य सिद्धि) |
| काल (Kaal) | प्रातः 09:12 से 10:43 बजे तक | अशुभ (हानिकारक) |
| शुभ (Shubha) | प्रातः 10:43 से दोपहर 12:14 बजे तक | शुभ (धार्मिक कार्य हेतु) |
| रोग (Roga) | दोपहर 12:14 से 01:45 बजे तक | अशुभ (राहुकाल व्याप्त) |
| उद्वेग (Udveg) | दोपहर 01:45 से 03:16 बजे तक | अशुभ (मानसिक तनाव) |
| चर (Chara) | दोपहर 03:16 से 04:47 बजे तक | शुभ (यात्रा व गतिशीलता) |
| लाभ (Labha) | सायं 04:47 से 06:18 बजे तक | शुभ (व्यापारिक कार्य) |
रात्रि का चौघड़िया (Night Choghadiya – 23/24 सितंबर 2026)
| चौघड़िया प्रकार | समय सीमा | प्रकृति / फल |
|---|---|---|
| उद्वेग (Udveg) | सायं 06:18 से रात 07:47 बजे तक | अशुभ |
| शुभ (Shubha) | रात 07:47 से 09:16 बजे तक | शुभ |
| अमृत (Amrita) | रात 09:16 से 10:45 बजे तक | अति शुभ |
| चर (Chara) | रात 10:45 से 12:14 बजे तक (24 सितं) | शुभ |
| रोग (Roga) | देर रात 12:14 से 01:43 बजे तक | अशुभ |
| काल (Kaal) | देर रात 01:43 से 03:12 बजे तक | अशुभ |
| लाभ (Labha) | तड़के 03:12 से 04:41 बजे तक | शुभ |
| उद्वेग (Udveg) | प्रातः 04:41 से 06:10 बजे तक | अशुभ |
6. आज के प्रमुख व्रत, पर्व एवं धार्मिक महत्व (Festivals & Vrat)
1. वामन जयंती एवं वामन द्वादशी (Vaman Jayanti & Dwadashi)
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को वामन जयंती के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन दानवराज बलि के अहंकार को शांत करने और देवताओं को स्वर्ग का राज्य पुनः दिलाने के लिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण किया था। इस दिन भगवान वामन की षोडशोपचार पूजा की जाती है और चावल, दही, शक्कर तथा तांबे के पात्र का दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
2. परिवर्तिनी एकादशी व्रत पारण (Parivartini Ekadashi Parana)
22 सितंबर को रखे गए परिवर्तिनी एकादशी (जलझूलनी एकादशी) व्रत का पारण आज 23 सितंबर को सुबह 06:10 बजे से 08:35 बजे के मध्य किया जाएगा। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि के भीतर और हरि वासर समाप्त होने के पश्चात ही श्रेष्ठ माना जाता है। पारण के समय भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित कर सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए।
3. आज से पंचक प्रारंभ (Panchak Starting Today)
ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज 23 सितंबर 2026, बुधवार को रात्रि 09:57 बजे से पंचक प्रारंभ हो रहे हैं। जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में संचार करते हैं, तब धनिष्ठा से रेवती तक के पांच नक्षत्रों के योग से पंचक बनता है। यह पंचक 28 सितंबर की सुबह 10:16 बजे समाप्त होंगे। चूंकि आज बुधवार से पंचक शुरू हो रहे हैं, इसलिए ज्योतिष शास्त्रों में इसे सामान्य पंचक माना जाता है, जिसमें नए निर्माण, लकड़ी इकट्ठा करने या छत ढलवाने से बचना चाहिए।
7. आज का ग्रह गोचर (Planet Transits Today)
- सूर्य गोचर: सूर्य देव कन्या राशि में विराजमान हैं (कन्या संक्रांति)।
- चंद्र गोचर: चंद्रमा रात्रि 09:56 बजे तक मकर राशि में रहने के बाद कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे।
- मंगल गोचर: मंगल ग्रह अपनी चाल से सभी राशियों में पराक्रम का संचार कर रहे हैं।
- बुध गोचर: स्वराशि कन्या/सिंह क्षेत्र में उच्च स्थिति में।
- गुरु (बृहस्पति): शुभ गोचर अवस्था में।
- राहु-केतु: क्रमशः कुंभ और सिंह राशि के अक्ष में गतिमान।
आज 23 सितंबर 2026 का दिन धार्मिक साधना, वामन देव की कृपा प्राप्त करने और बुद्धिमत्ता पूर्ण कार्य करने के लिए अत्यंत उत्तम है। बुधवार का दिन होने के कारण आज भगवान श्री गणेश को दूर्वा अर्पित करना और ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करना शुभ रहेगा। जो श्रद्धालु परिवर्तिनी एकादशी का व्रत कर रहे हैं, वे प्रातःकाल शुभ मुहूर्त में पारण अवश्य संपन्न करें। राहुकाल (12:19 PM से 01:49 PM) के समय किसी नए कार्य की शुरुआत न करें।









